आरटीआई में पांच बिंदुओं पर मांगी गई सूचना उपलब्ध न करवाने व राज्य सूचना आयोग के आदेश के बावजूद नोटिस पर जवाब दाखिल न करना कालका के तहसीलदार व जन सूचना अधिकारी विक्रम सिंगला को भारी पड़ गया। आयोग ने उन्हें नोटिस जारी कर पूछा है कि देरी के लिए क्यों न उन पर प्रतिदिन के हिसाब से 250 रुपये का जुर्माना लगाया जाए। उन्हें तलब करते हुए नोटिस का जवाब 10 मार्च को आयोग के समक्ष पेश होकर देना होगा।
कालका निवासी सदरुद्दीन ने आरटीआई के माध्यम से पांच बिंदुओं पर 31 जनवरी 2022 को जानकारी मांगी थी। तहसीलदार व जन सूचना अधिकारी ने तय समय में जानकारी उपलब्ध नहीं करवाई। इसके बाद याची ने प्रथम अपील अथॉरिटी के समक्ष अपील दाखिल कर दी।
अपील का निपटारा न होने पर याची ने राज्य सूचना आयोग की शरण ली। राज्य सूचना आयोग ने जन सूचना अधिकारी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा। मई में आयोग में याचिका दाखिल की गई थी। इसके बावजूद न तो जवाब आया और न ही जन सूचना अधिकारी की ओर से कोई पेश हुआ। इस मामले का कड़ा संज्ञान लेते हुए अब आयोग ने याची को मांगी गई सूचना उपलब्ध करवाने का आदेश दिया है। साथ ही तहसीलदार व जन सूचना अधिकारी विक्रम सिंगला को नोटिस जारी कर पूछा है कि देरी के लिए क्यों न प्रतिदिन 250 रुपये के हिसाब से जुर्माना लगाया जाए। सिंगला को 10 मार्च को आयोग के समक्ष पेश होकर इस पर जवाब दाखिल करना होगा।