नीति नहीं, फिर भी अपने दम पर बढ़े स्टार्टअप
शहर में डिपार्टमेंट फॉर प्रमोशन ऑफ इंडस्ट्री एंड इंटरनल ट्रेड (डीपीआई-आईटी) से पंजीकृत 268 स्टार्टअप चल रहे हैं। इनमें सबसे ज्यादा आईटी, हेल्थ केयर, एजुकेशन, फूड, एप्लीकेशन डेवलपमेंट, व्यावसायिक सहायता सेवाएं, आईटी परामर्श व अन्य क्षेत्र से जुड़े हैं। शहर में बड़े उद्योग भले पलायन कर रहे हैं लेकिन युवा उद्यमी चंडीगढ़ की तरफ आकर्षित हो रहे हैं।
स्टार्टअप रैंकिंग में पिछड़े, लीडर से एस्पायरिंग लीडर की कैटेगरी में पहुंचे
केंद्र सरकार ने 4 जुलाई को स्टार्टअप इंडिया की रैंकिंग जारी की। कम जनसंख्या वाले राज्य व यूटी की कैटेगरी में चंडीगढ़ पहले लीडर की कैटेगरी में था, लेकिन नई रैंकिंग में चंडीगढ़ एक पायदान नीचे आ गया। इस रैंकिंग में शहर को एस्पायरिंग लीडर की श्रेणी में डाला गया। रैंकिंग में गुजरात, मेघालय और कर्नाटक जैसे राज्य सबसे आगे हैं। 21 जुलाई को केंद्र सरकार ने इंडिया इनोवेशन इंडेक्स जारी किया। इसमें ओवरऑल चंडीगढ़ ने टॉप किया, लेकिन बिजनेस एनवायरमेंट के इंडेक्स में इज ऑफ डूइंग बिजनेस और कॉमन फैसिलिटी सेंटर का स्कोर शून्य रहा। वहीं, व्यापार सुधार कार्य योजना (बीआरएपी) 2020 के कार्यान्वयन के आधार पर केंद्र सरकार ने 30 जून को एक सूची जारी की थी। इसके अनुसार उभरते हुए बिजनेस इकोसिस्टम की श्रेणी में चंडीगढ़ बिहार से भी पीछे है।
स्टार्टअप नीति पर हमने काफी विस्तार से चर्चा की है। नीति का ड्राफ्ट लगभग तैयार हो गया है। एक प्रेजेंटेशन किया जाना बाकी है। उद्योग विभाग की तरफ से जब भी समय मांगा जाएगा, वो तैयार हैं और उसके बाद लोगों से सुझाव आमंत्रित किए जाएंगे। - धर्मपाल, सलाहकार, यूटी प्रशासक