हरियाणा के पक्के और कच्चे कर्मचारियों के आगामी आंदोलन पर मंगलवार को रोहतक में अंतिम मुहर लगेगी। सर्व कर्मचारी संघ, हरियाणा रोडवेज कर्मचारी तालमेल कमेटी और अन्य सभी संगठनों ने जनता की अदालत में जाकर सरकार को जनविरोधी नीतियों को लेकर घेरने का निर्णय लिया है। मंगलवार को होने वाले कर्मचारियों के सम्मेलन में इस प्रस्ताव को सर्व सम्मति से मंजूरी दिलाई जाएगी।
जनसेवा के विभागों को निजीकरण से बचाने के लिए कर्मचारी जनमत जुटाएंगे। जनमत जुटाने के लिए शहरों, कस्बों, गांवों में होने वाली जनसभाओं की रूपरेखा सम्मेलन में सार्वजनिक कर दी जाएगी। इसके अलावा तीन लाख कच्चे-पक्के कर्मचारी 7-8 जनवरी की राष्ट्रव्यापी हड़ताल में शामिल होकर हरियाणा के सरकारी विभागों में कामकाज ठप करेंगे।
सर्व कर्मचारी संघ के प्रधान धर्मबीर फोगाट, महासचिव सुभाष लांबा, हरियाणा रोडवेज कर्मचारी तालमेल कमेटी के वरिष्ठ सदस्य इंद्र सिंह बधाना, विरेंद्र धनखड़, दलबीर किरमारा, सरतबत सिंह पूनिया, हरिनारायण शर्मा, सुतलान सिंह व बलवान सिंह दोदवा ने कहा कि सम्मेलन का मुख्य एजेंडा जनसेवाओं को निजीकरण से बचाना है।
रोडवेज हड़ताल खत्म होने के बाद से परिवहन विभाग कर्मचारियों और जनता के उत्पीड़न पर उतर आया है। लंबे रूट और ग्रामीण सेवाओं की अनेक बसें बंद कर दी गई हैं। सरकार के लिए जनता चंद करोड़पति ट्रांसपोर्टर हैं, जबकि संघ व तालमेल कमेटी के लिए बसों में यात्रा करने वाले 33 लाख लोग। जनता की परेशान किसी सूरत में सहन नहीं करेंगे। सरकार हठधर्मिता छोड़ते हुए 14 हजार नई बसें रोडवेज बेड़े में शामिल करे। इससे हजारों युवाओं को रोजगार मिलेगा।