प्रशिक्षुओं को इस अवधि के दौरान फ्री-हैंड अभ्यास करने और बड़े पैमाने पर योग करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। टीम-स्पर्धाओं के मामले में किसी मैदान में एक घंटे के लिए 18 खिलाड़ी और दो कोच मौजूद रहेंगे और उनके जाने के बाद ही दूसरे समूह को अंदर लाया जा सकता है। व्यक्तिगत स्पर्धाओं के मामले में कोच एक बार में 10 खिलाडिय़ों को कोचिंग दे सकता है और दूसरे समूह को पहले समूह के जाने के बाद ही स्टेडियम में आने की अनुमति होगी।
उन्होंने बताया कि प्रत्येक कमरे में सभी चिकित्सा-कक्ष के फर्नीचर को सुबह 8.30 बजे से पहले और फिर एक बार सुबह 11 बजे सैनिटाइज किया जाएगा। उन्होंने यह कहा कि जितना संभव हो सके, एथलीट टेली-परामर्श का सहारा लेंगे। उन्होंने बताया कि खेल-केंद्र में वितरित किए जाने वाले पैक्ड-भोजन, ताजे फल आदि की आपूर्ति उपयोग से 24 घंटे पहले तक तथा कार्डबोर्ड पैकिंग 72 घंटे की अवधि के लिए एक खुले क्षेत्र में रखे जाएंगे।
फलों और सब्जियों को कुछ घंटों के लिए पतला सिरका, नमक या नींबू पानी में भिगोया जा सकता है। खाने से पहले सूखने के लिए छोड़ दिया जाना चाहिए। खेल मंत्री ने बताया कि अभी स्विमिंग-पूल को किसी भी परिस्थिति में नहीं खोला जाएगा। वर्तमान परिस्थितियों में प्रशिक्षकों को खिलाड़ियों का ट्रेनिंग-प्रोग्राम बनाने से पहले गर्मी के तापमान को ध्यान में अवश्य रखना चाहिए।