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हमेशा चर्चाओं में रहे एसएसपी नौनिहाल सिंह

Thu, 12 Dec 2013 12:21 AM IST
अमर उजाला, चंडीगढ़
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तीन साल के कार्यकाल के दौरान नौनिहाल सिंह ने पुलिस में गुटबाजी समाप्त करने के साथ ही इसको बढ़ावा देने वाले पुलिस अधिकारियों को साइड में कर दिया।
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उन्होंने पीसीआर को मजबूत किया, तो छेड़छाड़ करने वाले युवकों को पकड़ने के लिए अभियान भी चलाया। युवकों को नशे से बचाने के लिए एसएसपी नौनिहाल सिंह ने अमर उजाला के साथ मिलकर गली क्रिकेट का आयोजन किया।

गली क्रिकेट में नौ हजार बच्चों ने हिस्सा लिया और अपराध से दूर रहने की शपथ ली। बेहतर गली क्रिकेट होने पर इसे लिम्का बुक में दर्ज भी किया गया।

इसके अलावा उन्हें डीआईजी पद पर प्रमोशन मिलने के साथ बेहतर सर्विस के लिए प्रेसीडेंट पुलिस मेडल से सम्मानित किया गया। इसके अलावा गुटबाजी समाप्त करने के लिए पंजाब, हरियाणा और दिल्ली के नए डीएसपी बुलाए।
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वहीं ऑडी सड़क हादसा हो या फिर खुशप्रीत की हत्या का मामला नौनिहाल सिंह मौके पर परिस्थिति नहीं संभाल पाए।

इनता ही नहीं ऑडी सड़क हादसे में तो घटिया पुलिसिंग को लेकर पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने एसएसपी को जमकर फटकार तक लगाई थी।

एससपी के खिलाफ हो गए थे डीएसपी और इंस्पेक्टर
पासिंग परेड़ के दौरान एसएसपी नौनिहाल सिंह और डीएसपी जगबीर के बीच हुए सवाल-जवाब हुए थे। इसके अलावा क्राइम ब्रांच के पूर्व इंचार्ज अमनजोत ने एसएसपी पर परेशान करने का आरोप लगाते हुए अपना इस्तीफा अफसरों को सौंपा था।

सफलता
अक्तूबर-2010 में एसएसपी ने सप्ताह में परेड सिस्टम शुरू किया। इसमें पुलिस जवानों की फुर्ती चेक की गई।जनवरी 2011 में अपराध रोकने के लिए बीट सिस्टम, पीसीआर और कम्यूनिटी पुलिसिंग को बेहतर किया।जनवरी 2011में दस करोड़ की तनिष्क डकैती को सुलझाया।अगस्त 2011 में विदेश भेजने के नाम पर ठगी करने वाले हेल्दी-वे कंपनी के खिलाफ मामला दर्ज कर एसआईटी बनाई। हजारों लोगों को रुपये वापस दिलाए।मई 2012 में नशे को रोकने के लिए अमर उजाला के साथ मिलकर गली क्रिकेट करवाया। इसमें नौ हजार बच्चों ने हिस्सा लिया। गली क्रिकेट को लिम्बा बुक में भी दर्ज किया गया।सितम्बर 2012 में छात्राओं और युवतियों से छेड़ने वालों के खिलाफ चलाया अभियान।
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इसमें मिली असफलता
दिसम्बर 2010 में सेक्टर-7 में कोठी अलॉट करवाने से इंकार, कॉर्नर की कोठी होने पर सुरक्षा के चलते दूसरी जगह मांगी कोठी।जनवरी 2011 में खुशप्रीत की हत्या के बाद मौके पर स्थिति को संभालने में असफल रहे।जुलाई 2012 में लुधियान की रहने वाले महिला ने एसएसपी पर दुराचार और ब्लैकमेल करने के आरोप लगाए, हाईकोर्ट में याचिका दायर।अगस्त 2013 में रोड सेफ्टी रैली के दौरान स्टंट करवाने पर आईजी आरपी उपाध्याय ने निंदा की।
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