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SSP नीलांबरी जगदले का कार्यकाल खत्म, कहती हैं- सिटी ब्यूटीफुल नाम से ही झलकती है खूबसूरती

Fri, 21 Aug 2020 11:32 AM IST
खुशबू गोयल अमित गुप्ता, चंडीगढ़

सार

  • दोहरे हत्याकांड से लेकर सामूहिक दुष्कर्म जैसे केस सुलझाए, ई-बीट सिस्टम लाईं
  • कार्यकाल में झपटमारी और चोरी समेत लूटपाट पर साल-दर-साल लगाई लगाम
  • एसपी सिटी विनीत कुमार को मिल सकता है शहर के नए एसएसपी का चार्ज
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नीलांबरी जगदले - फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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सिटी ब्यूटीफुल के नाम से ही शहर में खूबसूरती झलकती है। इसी खूबसूरती को बनाए रखने के लिए अपराध रोकना पहली प्राथमिकता थी। सबसे पहले महिलाओं, बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों के साथ होने वाले अपराध को रोकने की रणनीति बनाई। तीन साल में साल-दर-साल झपटमारी व चोरी समेत लूटपाट पर लगाम लगाई जा सकी।
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यह कहना है कि एसएसपी नीलांबरी विजय जगदले का। 15 अगस्त 2019 में सेक्टर-22 में दो बहनों की हत्या, मोरनी गैंगरेप (19 जुलाई 2018) और ऑटो में सामूहिक दुष्कर्म (18 नवंबर 2017) केस को सुलझाने वाली एसएसपी का कार्यकाल शुक्रवार को खत्म हो रहा है। हालांकि, अभी तक उनकी जगह किसी नए एसएसपी ने चार्ज नहीं लिया है। वहीं, उच्चाधिकारियों का कहना है कि जब तक शहर में नए एसएसपी नहीं आते हैं, यह चार्ज एसपी सिटी विनीत कुमार को दिया जा सकता है।

हालांकि, इसकी किसी ने आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। अगस्त 2017 में शहर की पहली महिला एसएसपी बनी नीलांबरी विजय जगदले ने कहा कि वह गवर्नर, एडवाइजर, डीजीपी के मार्गदर्शन पर काम कर गर्व महसूस करती हैं। यहां पर एसएसपी के पद पर काम करना बहुत बड़ी जिम्मेवारी है। यहां छोटे से बड़े हर अपराध को होने से पहले रोकना एक बहुत बड़ी चुनौती होती है। इसके लिए पहले से पूरी प्लानिंग करनी पड़ती है। पिछले करीब तीन साल में ऐसे कई ब्लाइंड केस थे, जिन्हें अफसरों के नेतृत्व में प्लानिंग कर सुलझाया गया है।
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ई-बीट सिस्टम से मिली मजबूती

देश में सबसे पहले चंडीगढ़ में ई-बीट सिस्टम लागू किया गया। इसके तहत पुलिस करीब तीन मिनट पर लोकेशन के साथ मौके पर पहुंच जाती है। इसके लागू होते ही देश में अन्य जगहों पर इसका प्रपोजल चल रहा है। इसके अलावा शहर में लगभग सभी सेक्टरों में बीट बॉक्स भी बनाया गया। इसका मकसद है कि सेक्टरों के लोग अपने अपने बीट बॉक्स अफसरों से सीधा संपर्क कर सकें।

साल-दर-साल झपटमारी पर लगी रोक
साल 2017 में 93 झपटमारी मामलों में 69 सुलझे, 2018 में 191 में से 132, साल 2019 में 122 में से 74 और 2020 में 53 मामलों में 24 केसों को सुलझा लिया गया है। एसएसपी ने बताया कि झपटमारी के मामलों को रोकने के लिए उन्होंने पूरा प्लान तैयार किया। झपटमारी के ज्यादातर मामले शाम को होने की वजह से पीसीआर विंग में थानों के मुलाजिमों को भी तैनात किया गया, पेट्रोलिंग बढ़ाई गई।

साथ ही वारदात के बाद मौके के थाना प्रभारियों का जाना जरूरी कर दिया। वारदात के बाद अपराधियों के भागने पर सेक्टरों को ब्लॉक करने जैसे तमाम पहलुओं पर काम किया गया। यही वजह रही कि पहले के मुकाबले साल-दर-साल झपटमारी कम हुई है और केस भी ज्यादा सुलझे हैं।
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