फिजिकल एक्टिविटीज कम और मानसिक तनाव ज्यादा होने की वजह से अब युवा वर्ग में भी डायबिटीज (मुधमेह) की शिकायत आने लगी है।
इनमें महिलाओं की संख्या ज्यादा है। सेक्टर-6 के जनरल अस्पताल में डायबिटीज के रोजाना 25-30 नए केस आ रहे हैं, जिनमें 60 प्रतिशत महिलाएं और 40 प्रतिशत पुरुषों की संख्या होती है।
डाक्टरों के अनुसार, घर वालों का ख्याल रखते-रखते महिलाएं इतनी मशगूल हो जाती हैं कि न खानपान का ध्यान रखती हैं और न ही एक्सरसाइज का।
वह यही समझती हैं कि घर के कामकाज में ही उनकी एक्सरसाइज पूरी हो जाती है, लेकिन यह गलतफहमी है। खानपान का रूटीन बिगड़ने के बाद हारमोनल चेंजिंग की वजह से मोटापा बढ़ता है और इससे शुगर लेवल बढ़ने के ज्यादा चांस होते हैं।
कारण
खानपान का ध्यान नहीं रखना
स्ट्रेशफुल जॉब
जेनेटिक फैक्टर
मोटापा
बचाव
खानपान का ध्यान रखें
अपना वजन नियंत्रित रखें
ब्रेकफास्ट स्किप न करें
सभी तरह की दाल खाएं (साबुत दाल, राजमा, चना, सोयाबीन आदि)
पनीर, सोयाबीन, राजमा, चना, रौंगी (सप्ताह में एक से दो बार)
15-20 दिन में एक बार मछली, चिकन
दूध डबल टोंड-आधा लीटर (बिना मलाई,) घी-3-4 चम्मच
10-12 गिलास रोजाना पानी पीएं
दिन में कम से कम एक फल जैसे सेब, संतरा, मौसमी, अमरूद, नाशपाती या 250 ग्राम पपीता, खरबूजा, आधा अनार जामुन
मांसाहारी भोजन कम करें
नियमित रूप से आधे घंटे की सैर करें
शुगर की दवा समय पर व सही मात्रा में लेें
सात से आठ भीगे बादाम और एक से दो अखरोट ले सकते हैं
करेले का रस, भीगे हुए मेथी का पानी खाली पेट में पीएं
परहेज
खाना कम तेल में पकाएं व देसी घी, मक्खन, मलाई का कम उपयोग करें
चीनी, गुड़, शक्कर, शहद, भूरा, मिठाई, कोल्ड ड्रिंक, आइसक्रीम से परहेज करें
आलू, अरबी, जिमीकंद, कटहल, चुकंदर, शलगम, शकरकंदी, मक्की, चावल कम खाएं
आम, केला, चीकू, लीची, खजूर, अंगूर, मेवा से भी परहेज करें
सिगरेट व शराब के सेवन से दूर रहें