फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Harinder Sandhu: स्क्वैश खिलाड़ी हरिंदर ने कच्ची उम्र में थाम लिया था रैकेट, अब एशिएन गेम्स में पाया गोल्ड

Fri, 06 Oct 2023 02:30 PM IST
निवेदिता वर्मा संजीव पंगोत्रा, संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़

सार

चीन के हांगझाऊ में चल रहे एशियन गेम्स में भारत की ओर से खेलते हुए शहर के खिलाड़ी विभिन्न खेलों में लगातार मेडल जीत रहे हैं। वीरवार का दिन स्क्वैश के नाम रहा। जिसमें भारत की दीपिका पल्लीकल और हरिंदर पाल सिंह संधू ने फाइनल में मलेशिया की जोड़ी को सीधे गेम में हराकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया।
विज्ञापन
दीपिका पल्लीकल के साथ हरिंदर संधू - फोटो : फाइल
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

एशियन गेम्स में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाने वाले ट्राईसिटी के हरिंदर पाल संधू ने महज तीसरी कक्षा में ही हाथ में रैकेट थामकर अपने इरादे जाहिर कर दिए थे। हरिंदर पर यह कहावत खूब चरितार्थ होती है-होनहार बिरवान के होत चिकने पात।

विज्ञापन


शहर से स्क्वैश की बारीकियां सीख अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने वाले मोहाली के हरिंदर पाल सिंह ने संधू ने एशियन गेम्स में मिक्स डबल्स में अपनी साथी दीपिका पल्लीकल के साथ मिलकर भारत के लिए गोल्ड मेडल जीता है। इससे पहले वह पुरुष वर्ग के टीम इवेंट में सौरव गौशाल के साथ मिलकर स्वर्ण पदक जीत चुके हैं। हरिंदर की इस उपलब्धि पर मोहाली के सेक्टर 69 स्थित उनके घर में जश्न का माहौल है। 

यह भी पढ़ें: Amritsar Fire News : मजीठा रोड पर दवा की फैक्टरी में लगी भीषण आग, महिला समेत चार कर्मचारी जिंदा जले
विज्ञापन


पंजाब पुलिस से रिटायर हैं पिता
पंजाब पुलिस से बतौर एसपी रिटायर हरिंदर के पिता हरपाल सिंह संधू ने बताया कि हरिंदर में खेलों के प्रति जनून बचपन से ही था। उसने तीसरी कक्षा में ही स्क्वैश का रैकेट थाम लिया था। हरिंदर की कोचिंग वाईपीएस स्कूल मोहाली से शुरू हुई, जहां उनके कोच अमितोज ने उन्हें तराशा। इसके बाद वह अंडर-15 के नेशनल चैंपियन बने। आठवीं के पढ़ाई के दौरान अपने शौक को आगे बढ़ाते हुए हरिंदर ने स्क्वैश फेडरेशन ऑफ इडिया की चेन्नई स्थित अकादमी में दाखिला लिया। हरिंदर वहीं, अपने खेल को तराश रहे हैं।

चीन के हांगझाऊ में चल रहे एशियन गेम्स में भारत की ओर से खेलते हुए शहर के खिलाड़ी विभिन्न खेलों में लगातार मेडल जीत रहे हैं। वीरवार का दिन स्क्वैश के नाम रहा। जिसमें भारत की दीपिका पल्लीकल और हरिंदर पाल सिंह संधू ने फाइनल में मलेशिया की जोड़ी को सीधे गेम में हराकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया। दीपिका और हरिंदर ने फाइनल में आइफा बिंटी अजमन और मोहम्मद सयाफिक बिन मोहम्मद कमल को 35 मिनट में 11-10 11-10 से हराया। एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने पर शहर के स्क्वैश के खिलाड़ियों में जोश भर गया है वहीं, हरिंदर पाल सिंह के घर पर खुशियों का माहौल बना हुआ है।

ऐतिहासिक जीत पर गर्व 
हरिंदर के पिता हरपाल सिंह संधू ने बताया कि मेरे साथ पूरे परिवार को विश्वास था कि बेटा एशियन गेम्स में जरूर कुछ खास करने वाला है। पहले बेटे ने टीम इवेंट में सौरभ गौशाल के साथ मिलकर गोल्ड मेडल जीता और अब दीपिका पल्लीकल के साथ मिलकर मिक्स डबल्स में भी गोल्ड मेडल जीत लिया। यह बेटे का दूसरा गोल्ड मेडल है और आजतक का उसका सबसे बेहतर प्रदर्शन भी है। एशियन गेम्स में किया गया दोहरे गोल्ड मेडल का प्रदर्शन वर्षों तक याद रहेगा। चीन से घर वापस आने पर पूरा परिवार बेटे का जोरदार स्वागत करेगा। वहीं उन्होंने बताया कि हरिंदर चेन्नई की अकादमी में पिछले कई वर्षों से लगातार अभ्यास करता आ रहा है।
विज्ञापन


क्रिकेटर दिनेश कार्तिक की पत्नी हैं पल्लीकल 
एशियन गेम्स में हरिंदर पाल सिंह संधू के साथी दीपिका पल्लीकल भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज दिनेश कार्तिक की पत्नी हैं। जोकि चार एशियाई खेलों में छह पदक जीत चुकी हैं, जिसमें एक स्वर्ण, एक रजत और चार कांस्य पदक शामिल हैं। वीरवार को दिनेश कार्तिक ने एक्स पर पोस्ट करके अपनी पत्नी को इस उपलब्धि हासिल करने पर बधाई देते हुए लिखा कि यह फिर से सुनहरा समय है शाबाश दीपिका पल्लीकल और हरिंदर।

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें