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स्पोर्ट्स टीचर्स ने रोका जिला स्तरीय टूर्नामेंट, लगाया जाम

Thu, 01 Sep 2016 01:20 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मोहाली
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Sports teacher protest - फोटो : Amar Ujala
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शिक्षा विभाग की ओर से कुछ दिन पहले सस्पेंड किए गए स्पोर्ट्स टीचर का मामला बुधवार को उस समय तूल पकड़ गया, जब जिला स्तरीय टूर्नामेंट के लिए इकट्ठा हुए खेल टीचरों ने टूर्नामेंट का बायकाट कर दिया। साथ ही खेलों को बंद कर फेज-3बी1 में सड़क पर जाम लगा दिया। इस बीच मौके पर नायब तहसीलदार व मटौर थाने के एसएचओ पहुंच गए।
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उन्होंने टीचरों को शांत करवाया। वहीं, खेल टीचरों ने साफ किया है कि टीचर को विभाग ने गलत तरीके से सस्पेंड किया है। अगर विभाग ने अपने फैसले को नहीं बदला तो वह अपने संघर्ष को और तेज करेंगे।

इस मौके खेल अध्यापकों ने बताया कि शिक्षा विभाग ने डेराबस्सी ब्लॉक के खेले मुकाबलों को 22 अगस्त से करवाने का शेडयूल घोषित किया था। इसके लिए चार जगह मुकाबले होने थे। इसकी जिम्मेदारी खेल अध्यापक सतीश कुमार को दी गई थी। इस दौरान बैडमिंटन के मुकाबलों के लिए एक इंडोर स्टेडियम को चुना गया था। लेकिन मुकाबले वाले दिन काफी बारिश हुई थी। 
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कोई टूर्नामेंट नहीं हो पाया

Sports teacher protest - फोटो : Amar Ujala
स्टेडियम की छत न होने के कारण बैडमिंटन ग्राउंड में पानी भर गया था। इसके अलावा वहां पर कुछ अन्य कमियां थी। इस कारण मैच कैंसिल कर दिया गया था। साथ ही उस मैचों को करवाने के लिए अगला  शेड्यूल जारी कर दिया गया था। इसमें जो टीमें विजयी रही हैं वह जिला स्तरीय मुकाबले खेलने पहुंची हैं।

टीचरों ने कहा कि मीडिया ने खबर चला दी थी कि वहां मुकाबले हो गए। इसको आधार बनाकर स्पोर्ट्स टीचर को सस्पेंड कर दिया था। टीचरों का कहना है कि आज यह घटना एक टीचर के साथ हुई है, आगे अन्य टीचरों के साथ भी हो सकती है। ऐसे में विभाग को अपना फैसला बदलना होगा।

टीचरों के टूर्नामेंट के बायकाट करने के बाद विभिन्न स्कूलों के आए खिलाड़ियों को परेशानी उठानी पड़ी। खिलाड़ियों का कहना था कि वह आठ बजे से मैच का इंतजार कर रहे थे। लेकिन कोई भी मैच नहीं हो पाया। इस कारण उन्हें काफी निराशा हुई है।
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