बिजली कर्मियों को खेलकूद गतिविधियों में भी अव्वल बनाने के लिए हर साल लाखों रुपये खर्च किए जाते हैं।
पिछले आठ साल में प्रदेश की चार बिजली कंपनियों (एचवीपीएन, यूएचबीवीएन, डीएचबीवीएन और एचपीजीसीएल) के संयुक्त हरियाणा पावर स्पोर्ट्स ग्रुप ने स्पोर्ट्स इवेंट्स के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च किए गए, लेकिन गिफ्ट, खानपान और ठहरने आदि की व्यवस्थाओं पर।
इनफ्रास्ट्रक्चर पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। ऐसे में ये खिलाड़ी खेलने के लिए तो आते हैं, लेकिन उन्हें न तो पर्याप्त ट्रेनिंग मिली होती है और न ही अन्य सुविधाएं।
यही वजह है कि इन कंपनियों से प्रदेश या राष्ट्रीय स्तर का कोई अच्छा खिलाड़ी तैयार नहीं हो रहा है।
कंपनियों का योगदान
हरियाणा की चार बिजली कंपनियों (एचवीपीएन, यूएचबीवीएन, डीएचबीवीएन और एचपीजीसीएल) ने एक संयुक्त हरियाणा पावर स्पोर्ट्स ग्रुप का गठन किया है।
इन चारों महकमों से हर साल लगभग 40 लाख रुपये स्पोर्ट्स के लिए दिए जाते हैं। पिछले आठ साल में दो से तीन करोड़ रुपये स्पोर्ट्स पर खर्च किए जा चुके हैं।
इवेंट्स पर हुए खर्च
2014 : 40-44 लाख रुपये पास हुए और अभी टूर्नामेंट चल रहा है
2013 : करीब 40 लाख
2012 : 35-40 लाख
2011 : करीब 40 लाख
2008 : करीब 8 लाख
2007 : करीब 27 लाख
2006 : 2 लाख 68 हजार
2005 : करीब 8 लाख
(बीच के वर्षों का डाटा नहीं है)
रिटायरमेंट के बाद भी जनरल सेक्रेट्री हैं सज्जन कुमार
इस पावर स्पोर्ट्स ग्रुप का प्रधान कोई भी रहा हो, लेकिन जनरल सेक्रेट्री के पद पर हर वर्ष सज्जन कुमार की तैनात होते हैं।
सज्जन कुमार वर्ष-2013 में सीनियर स्पोर्ट्स आफिसर के पद से सेवानिवृत्त हो गए, लेकिन इसके बाद भी वह पावर स्पोर्ट्स ग्रुप के जनरल सेक्रेट्री पद पर तैनात हैं।
बिना मीटिंग किए ही बड़े-बड़े फैसले
कोई भी स्पोर्ट्स इवेंट कराने से पहले हरियाणा पावर स्पोर्ट्स ग्रुप के जनरल बॉडी की मीटिंग बुलाई जानी चाहिए।
मीटिंग के दौरान टूर्नामेंट बजट और डेट के बारे में फैसला किया जाना चाहिए, लेकिन बिजली निगम की ओर से कराए जा रहे स्पोर्ट्स इवेंट के लिए पिछले दो वर्षों से जनरल बॉडी की मीटिंग ही नहीं बुलाई गई और सारे फैसले सिर्फ जनरल सेक्रेट्री की सिफारिश पर प्रधान द्वारा लिए जाते रहे।
हरियाणा पावर स्पोर्ट्स ग्रुप के जनरल सेक्रेट्री सज्जन कुमार से सीधी बात
सवाल : पिछले आठ साल में स्पोर्ट्स इवेंट पर करोड़ों रुपये खर्च किए गए। इसमें इनफ्रास्ट्रक्चर पर कितना खर्च किया गया?
जनरल सेक्रेट्री : इनफ्रास्ट्रक्चर के लिए यह रकम नहीं दी जाती है। ये पैसे सिर्फ स्पोर्ट्स इवेंट के लिए होते हैं।
सवाल : पावर कंपनियों के कितने खिलाड़ियों ने पिछले आठ-दस वर्षों में नेशनल चैंपियनशिप या स्टेट चैंपियनशिप भाग लिया है?
जनरल सेक्रेट्री : (पहले तो बात टालने की कोशिश की, फिर जवाब दिया) 1992 से स्पोर्ट्स कोटे से किसी की भर्ती नहीं हुई है।
सवाल : जब आप के पास खिलाड़ी नहीं हैं तो इतने पैसे कहां खर्च होते हैं?
जनरल सेक्रेट्री बात ही टाल गए।
बिना ट्रायल के ही खिलाड़ियों को चुन लिया
- हर कंपनियों से इंटर कंपनी टूर्नामेंट में करीब 60 खिलाड़ी भाग ले रहे हैं।
- यह टूर्नामेंट 20, 21, और 22 मार्च 2014 को पंचकूला पावर कालोनी में कराया जा रहा है। खिलाड़ियों का आरोप है कि बिना ट्रायल के ही मनमर्जी से खिलाड़ियों का चयन कर लिया गया।