सर्दियों के मौसम को ध्यान में रखकर बिजली विभाग और गमाडा ने पेड़ों की छंटाई की मुहिम शुरू कर दी है। ताकि स्ट्रीट लाइटों की रोशनी सड़क तक आसानी से पहुंच सके।
दूसरा मौसम खराब होने पर बिजली की तारों को भी पेड़ों से नुकसान नहीं पहुंचेगा। प्रोजेक्ट के लिए शहर को विभिन्न हिस्सों में बांट गया। पूरा दिन मुलाजिम अपने काम में जुटे रहे।
जानकारी के मुताबिक शनिवार को बिजली विभाग ने पेड़ों की छंटाई की मुहिम फेज-9 मार्केट के पास से शुरू की। इस दौरान सड़क के किनारे से गुजर रही तारों के रास्ते एवं स्ट्रीट लाइटों की रोशनी में बाधक बन रहे पेड़ों की छंटाई की गई।
मौके पर विभाग के अधिकारी भी रहे। हालांकि कुछ लोग पेड़ों की अधिक छंटाई करने का विरोध भी कर रहे थे। लेकिन बाद में वे अधिकारियों की बात से शांत हो गए।
इस दौरान मुल्लांपुर समेत कई अन्य इलाकों में पेड़ों की छंटाई की गई। यह काम सुबह नौ बजे से शाम पांच बजे तक चला। इस दौरान उक्त इलकों की लाइट भी बंद रखी गई। इसके चलते लोगों को थोड़ी परेशानी जरूर सहनी पड़ी।
24 घंटे अंधेरा में रहा था वर्ल्ड क्लास शहर
पेड़ों की टाइम से छंटाई न करने का नतीजा पॉवरकाम पहले ही भुगत चुका है। जब इसी साल गर्मियों में जब भीषण तूफान आया था।
उस समय सारे शहर की लाइट गुल हो गई थी। कई जगह तारों पर पेड़ गिर गए थे। जबकि कुछ जगह खंभे टूट गए थे। स्थिति सामान्य करने में विभाग को पूरे 24 घंटे का समय लग गया था। इसके बाद विभाग द्वारा यह प्लानिंग बनाई गई है।