दिव्यांग बच्चे अब खुद अपनी रक्षा और सुरक्षा करने में सक्षम होंगे। इसके लिए एक विशेष ट्रेनिंग कैंप चलाया जाएगा, ताकि कोई उनका फायदा न उठा पाए। जुवेनाइल चाइल्ड जस्टिस एक्ट 2015 और पॉक्सो एक्ट 2012 को लेकर एक सीडी बनाई गई है। यह सीडी ऑडियो और वीडियो के द्वारा संचालित है। इस सीडी में दिव्यांग बच्चों को वह सब तरीके बताए गए हैं, जिनसे वे अपनी रक्षा स्वयं कर सकते हैं। खास बात यह है कि यह सीडी विशेष साइन लैंग्वेज तकनीक के तहत अंग्रेजी और हिंदी दोनों माध्यमों में तैयार की गई है। यही वजह है कि बच्चे आसानी से आत्मरक्षा के गुर सीख सकेंगे।
इंटरनेशनल डे ऑफ साइन लैंग्वेज के अवसर पर शुक्रवार को यूपी सचिवालय में आयोजित एक कार्यक्रम में डिसएबिलिटी कमिश्नर बीएल शर्मा ने एक स्पेशल सीडी को लॉन्च किया। उन्होंने बताया कि बच्चों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से इस सीडी को तैयार किया गया है। इसमें मूक और बधिर बच्चों को साइन लैंग्वेज से एक्ट के बारे में जानकारी दी गई है। देश में पहली बार सीसीपीसीआर की ओर से तैयार की गई सीडी में साइन लैंग्वेज के जरिए बच्चों को जूवेनाइल और पोक्सो एक्ट के तहत अधिकारों के बारे में जानकारी दी गई है।
कमिश्नर डिसएबिलिटी बीएल शर्मा ने बताया कि सीडी को केंद्र सरकार को भेजकर दूरदर्शन समेत अन्य विजुअल संचार के माध्यम के जरिए प्रचारित प्रसारित किया जाएगा। सीसीपीसीआर की चेयरमैन हरजिंदर कौर ने बताया की इस सीडी का उद्देश्य यह है कि बच्चे कानून के तहत उनको दिए गए अधिकारों के बारे में जानें और समझे। इस मौके पर सिटी के विभिन्न स्कूलों के दिव्यांग बच्चे मौजूद रहे।
...जब साइन लैंग्वेज में गूंज उठा राष्ट्रगान
यूटी मीटिंग हॉल में दिब्यांग बच्चों के द्वारा राष्ट्रगान प्रस्तुत किया गया। मासूम से दिखने वाले अद्भुत कला से पूर्ण दिव्यांग बच्चों ने इसे साइन लैंग्वेज में प्रस्तुत किया। एक विशेष विद्या में प्रस्तुत राष्ट्रगान ने हर किसी को उनकी कला के बारे में सोचने पर मजबूर कर दिया।