फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कश्मीर घाटी में फंसे हजारों मजदूर और पर्यटक, रेलवे ने स्पेशल ट्रेन से 6500 को निकाला

Fri, 09 Aug 2019 12:21 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पठानकोट (पंजाब)
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
विज्ञापन

अनुच्छेद 370 हटाने के बाद से श्रीनगर में फंसे लोगों को सुरक्षित वापस लाने के लिए रेलवे ने स्पेशल ट्रेनों का संचालन शुरू किया है। रेलवे ने श्रीनगर में फंसे 6500 से अधिक मजदूरों और पर्यटकों को वापस उनके गंतव्य तक पहुंचा दिया है। डीआरएम फिरोजपुर डिवीजन ने ट्वीट कर इस बारे में जानकारी दी। बताया गया कि कश्मीर घाटी से आने वाले मजदूरों की जम्मू और ऊधमपुर स्टेशनों पर संख्या बढ़ती जा रही है। 

विज्ञापन


फिरोजपुर डीआरएम राजेश अग्रवाल ने बताया कि 7 अगस्त को 2 स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया गया। ऊधमपुर से दरभंगा के बीच 7 अगस्त की दोपहर को चलाई स्पेशल ट्रेन में 2500 यात्रियों को विभिन्न स्टेशनों पर उतारा गया। इसके बाद कटरा से चेन्नई के बीच चलने वाली अंडमान एक्सप्रेस में ऊधमपुर से 200 यात्रियों को निकाला गया।

विज्ञापन

इसके अलावा जम्मू से चेन्नई जाने वाली ट्रेन में 300, गुवाहाटी जाने वाली ट्रेन लोहित एक्सप्रेस में 600, कटरा-जबलपुर एक्सप्रेस में चंडीगढ़ के 250 और जम्मूतवी-दुर्ग के बीच चलने वाली ट्रेन में 600 यात्रियों को सकुशल दुर्ग तक के स्टेशनों पर उतारा गया। वहीं बुधवार की तरह गुरुवार को भी ऊधमपुर से दरभंगा के बीच स्पेशल ट्रेन चलाकर 2000 के करीब यात्रियों को शाम सवा 4 बजे रवाना किया गया।  

ऊधमपुर से चलने के बाद ट्रेन को केवल मुख्य स्टेशनों पर कुछ देर के लिए रोका गया, यहां पर आम यात्रियों को बैठने की इजाजत नहीं दी गई। हालांकि यात्रियों को उतारने के लिए विभिन्न स्टेशनों पर रोका गया। बता दें, इससे पहले फिरोजपुर रेल डिवीजन ने 5 ट्रेनों में श्रीनगर के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एनआईटी) के 450 विद्यार्थियों को सुरक्षित उनके शहरों तक पहुंचाया था। 

डीआरएम फिरोजपुर राजेश अग्रवाल ने बताया कि अंडमान एक्सप्रेस, कटरा-जामनगर एक्सप्रेस, मालवा एक्सप्रेस, श्री शक्ति एक्सप्रेस, जम्मू-वाराणसी ट्रेन में 450 विद्यार्थियों को गंतव्य तक पहुंचा दिया गया है। डीआरएम ने बताया कि ऊधमपुर रेलवे स्टेशन पर 2500 और जम्मू रेलवे स्टेशन पर 1 हजार यात्री और बचे हैं, जिन्हें उनके शहरों तक पहुंचाया जाना बाकी है। डीआरएम ने इन कार्यों का श्रेय एडीआरएम जम्मू और उनकी टीम को दिया। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें