अब अंबाला से सहारनपुर का सफर एक घंटे में तय होगा। अंबाला-सहारनपुर रेलवे ट्रैक पर ट्रेनों की गति बढ़ने से ऐसा संभव होगा। जो ट्रेन पहले 90-100 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से दौड़ती थी, अब उनकी स्पीड 110 से 130 किमी. प्रति घंटा हो जाएगी। पहले 112.3 किमी दूरी तय करने में 2 घंटे से अधिक समय लगता था, वो सफर अब महज 1 घंटे में पूरा हो जाएगा।
ट्रैक की मरम्मत होते ही अब इस पर ट्रेनों की स्पीड बढ़ा दी जाएगी। अंबाला मंडल ने कमीशन ऑफ रेलवे सेफ्टी के आदेशानुसार 2 दिन का ट्रायल मंगलवार से शुरू कर दिया है। 2 दिन के दौरान ट्रैक का लगभग 10 बार दोनों दिशाओं में ट्रायल किया जा रहा है।
पांच बार हुआ ट्रायल
डिप्टी चीफ इंजीनियर रोहित श्रीवास्तव द्वारा भेजे गए पत्र में ट्रायल की जानकारी दी गई। इसमें सुबह 8 से 9 बजे तक, 10 से 11, दोपहर 12 से 1, 2 से 3 व 4 से शाम 5 बजे तक लगातार ट्रायल करने की जानकारी दी। इलेक्ट्रिक इंजन के साथ एसएलआर व एलएचबी कोच भी लगाए गए। ट्रेन की स्पीड चैक करने के लिए मंडल के अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई। इसमें पहले दिन के ट्रायल के दौरान 110 से 130 किमी. प्रति घंटा का ट्रायल किया गया। दूसरे दिन 135 से 143 किमी प्रति घंटा का ट्रायल किया जाएगा।
अंबाला-सहारनपुर सेक्शन से गुजरने वाली ट्रेनें
कोरोना काल से पहले अंबाला-सहारनपुर सेक्शन पर 45 ट्रेनों का आवागमन हो रहा था, लेकिन कोविड-19 के दौरान अब सिर्फ 21 ट्रेनों का ही संचालन हो रहा है। इसमें चंडीगढ़-गोरखपुर, अर्चना स्पेशल, बठिंडा-वाराणसी, उधमपुर-प्रयागराज, गोल्डन टैंपल मेल, बाड़मेर-ऋषिकेश, हिमगिरी एक्सप्रेस, जम्मूतवी-गोरखपुर, जम्मूतवी-भागलपुर, कटरा-वाराणसी, अमृतसर-सहरसा, दुर्गियाणा, अमृतसर-हरिद्वार, जालंधर सिटी-दरभंगा, अमृतसर-न्यू जलपाईगुड़ी, अमृतसर-डिब्रूगढ़, बेगमपुरा, चंडीगढ़-लखनऊ, चंडीगढ़-पाटलिपुत्र, गंगा-सतलुज व छतीसगढ़ पूजा स्पेशल शामिल हैं।
अंबाला-दिल्ली-लुधियाना सेक्शन की भी बढ़ेगी गति
अंबाला से दिल्ली के बीच ट्रेन की गति बढ़ाने के लिए 5 प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर अत्याधुनिक सिग्नल प्रणाली लगाई जाएगी। इससे ट्रेनों की गति 130 किमी प्रति घंटा हो जाएगी। इस संबंध में मंडल की तरफ से प्रपोजल बनाकर पहले ही रेलवे को भेजा हुआ है।
चल रहा ट्रायल
मंडल टीम द्वारा अंबाला-सहारनपुर सेक्शन का 2 दिन का ट्रायल किया जा रहा है। ट्रेनों की गति बढ़ाने के लिए ट्रायल किया जा रहा है। ट्रायल सफल होने के बाद रिपोर्ट तैयार कर सीआरएस को भेजी जाएगी। इस प्रक्रिया में थोड़ा समय लग जाता है। इसके आधार पर ही आगामी प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
- पंकज गुप्ता, एडीआरएम आप्रेशन अंबाला मंडल