उन्होंने बताया कि सॉफ्टवेयर कंपनी द्वारा एक ऐसा सर्च इंजन सॉफ्टवेयर बनाया जाएगा। जिसके माध्यम से हरियाणा विधानसभा की पिछले 54 वर्षों की संपूर्ण जानकारी लोगों को उपलब्ध होगी। इस कंपनी का गूगल सहित अन्य प्रतिष्ठित कम्पनियों के साथ अनुबंध है। उन्होंने बताया कि कंपनी ने छह माह की अवधि में हरियाणा विधानसभा के सारे रिकॉर्ड को कॉपी करके सर्च इंजन सॉफ्टवेयर बनाने और इसे सुचारू रूप से क्रियान्वित करने का आश्वासन दिया है।
गुप्ता ने बताया कि इस सॉफ्टवेयर के माध्यम से लगभग 28 भाषाओं में जानकारी उपलब्ध करवाई जाएगी और हरियाणवी भाषा को भी इसमें शामिल किया जाएगा। कंपनी के अधिकारियों को इस प्रोजेक्ट की रिपोर्ट लिखित रूप से विधानसभा सचिवालय में उपलब्ध करवाने और विधानसभा के आईटी सेल को कंपनी के अधिकारियों से तालमेल करने के लिए कहा गया है।
ज्ञानचंद गुप्ता ने बताया कि कंपनी को हरियाणा के गठन से लेकर आज तक की विधानसभा की संपूर्ण जानकारी और विधायकों को विधायी प्रक्रिया की पूरी जानकारी भी सॉफ्टवेयर में उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है। इसके अलावा, विधायकों को विधायी प्रक्रिया से संबंधित जानकारी प्रदान के लिए भी कंपनी द्वारा एक ट्रेनिंग कार्यक्रम का आयोजन करवाया जाएगा।