वैसे तो देश में हरिद्वार, प्रयाग, उज्जैन और नासिक में महाकुंभ का आयोजन किया जाता है। एक स्थान पर महाकुंभ 12 साल बाद लगता है। लेकिन रुद्रयामल तंत्र और अन्य धर्मग्रंथों में 12 राशियों के अनुसार, 12 स्थानों पर कुंभ लगने का उल्लेख मिलता है। वर्तमान में देश में आठ स्थानों पर कुंभ सदियों पहले लुप्त हो चुका है। अखिल भारतीय सर्वमंगला कुंभ सेवा समिति ने इन्हीं स्थानों पर लुप्त और सुप्त कुंभों को जागृत करने की मुहिम शुरू की है। इसी के तहत 2017 में बिहार के सिमरिया तो इस वर्ष कुरुक्षेत्र में कुंभ मेले का आयोजन किया जा रहा है।