चंडीगढ़-मनाली मार्ग पर हुए हादसे में एक मौत हो गई थी। हादसा, सीएम की बस से हुआ या कार से, इसे पता लगाने के लिए एसआईटी बन गई है। एसआईटी एक हफ्ते में अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।
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इस हादसे में बहरामपुर जमींदारा गांव के 34 वर्षीय स्वर्ण सिंह की मौत हो गई थी। आरोप है कि हादसा बादल परिवार की डब्बवाली ट्रांसपोर्ट कंपनी की बस से हुआ। एसआईटी की घोषणा के बाद हाईवे पर बैठे लोगों ने धरना खत्म कर दिया।
डीजीपी सुमेध सिंह सैनी ने बताया कि डीआईजी तथा एसएसपी स्तर पर हुई प्राथमिक जांच में इस हादसे को लेकर तथ्य सामने आए हैं। इनकी निष्पक्ष जांच के लिए एडीजीपी कम डायरेक्टर, ब्यूरो ऑफ इंवेस्टिगेशन आईपीएस सहोता, आईजी क्राइम जी नागेश्वर राव तथा डीआईजी रोपड़ रेंज आरके जायसवाल के नेतृत्व में एसआईटी गठित कर दी गई है।
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परिजनों ने शव रखकर किया प्रदर्शन, जाम रहा हाईवे
डब्बवाली बस सर्विस के खिलाफ केस दर्ज करने की मांग को लेकर दूसरे दिन शुक्रवार को भी धरना प्रदर्शन जारी रहा। जाम के दौरान पुलिस ने चंडीगढ़ की ओर जाने वाले वाहनों को श्री चमकौर साहिब और मोरिंडा मार्ग की ओर डायवर्ट कर दिया जबकि चंडीगढ़ की ओर से जालंधर, अमृतसर, नंगल, श्री आनंदपुर साहिब तथा मनाली आदि जाने वाले वाहनों को भी इन्हीं रास्तों से डायवर्ट किया गया। देर शाम पुलिस प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों की ग्यारह सदस्यीय कमेटी से बातचीत कर आंदोलन खत्म करवा दिया। मृतक के परिजनों के मुताबिक प्रशासन ने उनकी सारी मांगें मान ली हैं।
कई नेता पहुंचे धरने में पंजाब कांग्रेस प्रधान प्रताप सिंह बाजवा, सुखपाल सिंह खैहरा, चरनजीत सिंह चन्नी, गुरकीरत कोटली, बलवीर सिंह सिद्धू, जगमोहन सिंह कंग, इंदरजीत सिंह जीरा आदि धरने में पहुंचे।
मुआवजा- नौकरी का आश्वासन सूत्रों के अनुसार पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने संघर्ष कमेटी के साथ मामला हल करवाने के लिए जो फैसला किया है, उसमें पीड़ित परिवार को 22.50 लाख रुपये देका मुआवजा शामिल है। इसके साथ ही परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी, मृतक की बेटी को मुफ्त शिक्षा और मामले में कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है। मृतक के ताया गुरदेव सिंह तथा भांजे सुखविंदर सिंह ने कहा कि फैसले से परिवार संतुष्ट है।
यह है मामला शुक्रवार को रोपड़ के गांव चक्कलां के पास चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे पर एक सड़क हादसे में स्कूटर चालक की मौत हो गई। लोगों ने इसे बादल परिवार की बस बताकर कार्रवाई की मांग को लेकर दो दिन से जाम लगा रखा था जबकि पुलिस का कहना था कि दुर्घटना कार और स्कूटर के बीच हुई थी। स्कूटर में जो डेंट मिला है, जांच में वह कार का पाया गया है। हालांकि पुलिस ने बस को भी जांच के घेरे में ले लिया है और उसे मोरिंडा थाने में रखा गया है। बस चालक अब भी फरार है।
एसएफएल रिपोर्ट में बस को क्लीन चिट
रोपड़ में चंडीगढ़- मनाली हाईवे पर हुए सड़क हादसे के संबंध में अलग-अलग बातें सामने आ रही हैं। परिजनों व अन्य की ओर से एक ओर यह कहा जा रहा है कि हादसे में बहरामपुर जमींदारा के स्वर्ण सिंह की मौत डबवाली ट्रांसपोर्ट की बस की टक्कर से हुई। वहीं दूसरी ओर एसएफएल टीम की रिपोर्ट कुछ और ही कहानी बयां करती है।
एसएफएल की रिपोर्ट में सामने आया है कि यह हादसा कार व स्कूटर की टक्कर से हुआ। दूसरी ओर सीएसएफएल टीम ने भी घटनाक्रम की अलग से जांच की है, जिसकी रिपोर्ट का पुलिस को इंतजार है। खास बात है कि पुलिस की प्राथमिक जांच रिपोर्ट भी एसएफएल की रिपोर्ट पर आधारित है।
रिपोर्ट के अनुसार सफेद रंग की कार तथा स्कूटर में टक्कर हुई थी। यह भी कहा गया है कि बस पर टक्कर के किसी निशाना का न पाया जाना इस बात की ओर इशारा करता है कि इसकी स्कूटर से टक्कर नहीं हुई। एसएफएल जांच के अनुसार टक्कर की वजह से कार व स्कूटर का पेंट एक-दूसरे की बॉडी पर लगा है।
कार की टूटी विंड स्क्रीन इस तरफ इशारा करती है कि टक्कर के बाद स्वर्ण सिंह इसके बोनट पर गिरा और इसी से ग्लास टूटा। वहीं, टीम को कब्जे में ली गई बस पर किसी तरह के हादसे या किसी वाहन से रगड़ जाने का कोई निशान नहीं मिला है। इस तरह एसएफएल रिपोर्ट में डबवाली ट्रांसपोर्ट की बस को क्लीन चिट दे दी गई है।
पुलिस के अनुसार कार चालक ने अपने बयान में कहा कि पास से गुजर रही बस की वजह से वह डिवाइडर से टकराए और स्कूटर को टक्कर बस ने मारी। यही बात पास ही स्थित एक ढाबे वाले ने भी कही है। उसने भी कहा कि स्कूटर को टक्कर बस से ही लगी।
इसके बाद पुलिस ने कार चालक के बताए मुताबिक उस वक्त वहां से गुजरी सभी लाल बसों की तलाश टोल प्लाजा से वीडियो फुटेज के जरिये की। इनमें से डबवाली ट्रांसपोर्ट की बस के बारे में उसने कहा कि टक्कर इससे हुई। पुलिस के अनुसार बस चालक कहा कि उसे तो हादसे के बारे में पता तक नहीं।
कुछ सवारियों ने भी यही बयान दिया कि बस से कोई टक्कर नहीं हुई। इस प्रकार यह मामला अलग-अलग तरह की बयानबाजी और मौके के हालात की वजह से उलझ गया है। बहरहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और एसआईटी ने अपनी जांच शुरू कर दी है।