एक दिवसीय सत्र जनता से मजाक: खैरा
कांग्रेस नेता सुखपाल सिंह खैरा ने एक दिवसीय सत्र को मजाक करार देते हुए कहा कि इसे एसवाईएल नहर, बेअदबी और बेमौसम बारिश के कारण फसलों को हुए नुकसान जैसे ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा के लिए बुलाया जाना चाहिए था। खैरा ने ट्वीट किया- कल का विधानसभा का सत्र एक मजाक है। एक करोड़ लोगों के पैसे खर्च करने के बाद, कोई प्रश्नकाल नहीं है क्योंकि सरकार को उन्हें जवाब देने के लिए 15 दिन के नोटिस की आवश्यकता होती है! इस सत्र को उचित रूप से बुलाया जाना चाहिए था और केवल दो मुद्दों के बजाय एसवाईएल, बेअदबी, फसल क्षति आदि जैसे मुद्दे भी होने चाहिए थे।
सत्र का कार्यकाल अधिक होना चाहिए: चीमा
शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के नेता दलजीत सिंह चीमा ने कहा कि राज्य के महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करने के लिए सत्र को और अधिक दिनों तक आयोजित किया जाना चाहिए, जिसमें भ्रष्टाचार, अवैध खनन, बिगड़ती कानून-व्यवस्था और आबकारी नीति को भी शामिल किया जाता। अगर आप विश्वास प्रस्ताव लाकर नाटक करना चाहती है तो सत्र आयोजित करने का कोई मतलब नहीं है।
कांग्रेस सत्र में हिस्सा लेगी: प्रताप बाजवा
नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा का कहना है कि मंगलवार को होने वाले सत्र से पंजाब को कुछ भी नहीं मिलने वाला। बाजवा ने सत्र बुलाने पर सवाल खड़े करते हुए कहा, आखिर सत्र बुलाने को लेकर इतनी इमरजेंसी क्या थी? उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस सत्र में हिस्सा लेगी और अपनी बात रखेगी। आगे का फैसला मौके पर किया जाएगा।
बाजवा ने कहा कि इस सत्र में केवल भाजपा और कांग्रेस को कोस कर आम आदमी पार्टी हिमाचल व गुजरात के मतदाताओं पर फोकस करेगी। बाजवा ने दावा किया कि सरकार सत्र में अपनी उपलब्धियां गिनवाएगी और साथ ही महिलाओं को एक हजार रुपये देने के नाम पर दावा करेगी कि वह इसे देना तो चाहती थी लेकिन जीएसटी के मुआवजे के रूप में मिलने वाली 14000 करोड़ रुपये की राशि बंद हो गई। बिजली बिल सरकार ने माफ कर दिए।