बाद में डा. मुखर्जी ने एक देश में दो विधान, दो निशान व दो प्रधान नहीं होने के लिए आंदोलन चलाया और बलिदान दिया। अब इसे 5 अगस्त को केंद्र सरकार ने हटाया है। उन्होंने कहा कि संविधान के पहले ही वाक्य में हम भारत के लोग की बात कही गई है और राज्यों में हम प्रदेश के लोग कहकर आगे बढ़ते हैं।
सार्वजनिक तौर पर लोगों में भेदभाव नहीं होना चाहिए। यही समानता की बात हमारा संविधान कहता है। कम से कम सदन में तो यह भेदभाव नहीं होना चाहिए। हरियाणा एक-हरियाणवी एक का नारा हमने इसी भेदभाव को खत्म करने के लिए दिया है।
उन्होंने कहा कि संविधान के अनुरूप ही हमने पिछली बार पंचायती राज संस्थानों के चुनाव लड़ने वाले सदस्यों के लिए पांच शर्तें लगाई थी तो उस समय भी कुछ राजनीति पार्टियों ने कहा था कि यह संविधान के अनुरूप नहीं है, परंतु संविधान के अनुसार चुनाव लड़ना मौलिक अधिकार नहीं है, बल्कि वोट डालना मौलिक अधिकार है।
सरकार के इस फैसले के खिलाफ लोग सर्वोच्च न्यायालय तक गए। हमने भी कानूनी लड़ाई लड़ी और सर्वोच्च न्यायालय ने हरियाणा के फैसले को सही ठहराया और अन्य राज्यों को इसका अनुसरण करने को कहा। इसी प्रकार हमने एक दूसरा निर्णय उन परिवारों को सरकारी नौकरियों में 5 प्रतिशत अंकों की वरीयता देने की बात कही तो उस समय पर भी कुछ लोग उच्च न्यायालय चले गए परंतु न्यायालय ने सरकार के इस फैसले की सराहना की है।
हरियाणा के उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा कि भारतीय संविधान की ताकत इतनी मजबूत है कि यह हमें राष्ट्रपति के चुनाव से लेकर सांसद, विधायक को चुनने की इजाजत देता है। उन्होंने हरियाणा विधानसभा के सदस्यों से मांग की कि वे देश की आबादी का 60 प्रतिशत किसान वर्ग के लिए केंद्र सरकार को किसान आयोग गठित करने का प्रस्ताव अगले सत्र में पारित कर भिजवाएं। उन्होंने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 10 में संशोधन करने उपरांत दल बदल विधेयक पारित होने के बाद विधायकों को एक स्थित सरकार देने की ताकत मिली है।
उपमुख्यमंत्री ने संविधान निर्माता समिति के अध्यक्ष डा. भीमराव अंबेडकर व अन्य सदस्यों को नमन करते हुए कहा कि इनके द्वारा संविधान में समानता का अधिकार दिया गया है और आज सदन में चर्चा के दौरान जिक्र आया कि 90 विधायकों में से 17 अनुसूचित जाति के विधायकों का चुना जाना संविधान की ही देन है।
उन्होंने सदन को जानकारी दी कि हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री चौधरी देवी लाल ने वृद्धावस्था सम्मान भत्ता योजना लागू की थी, जो संविधान के अनुरूप पूरे देश में लागू है। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार ने शिक्षा का अधिकार अधिनियम तो पारित कर दिया परंतु मुफ्त शिक्षा में अनेक खामियां हैं, उन्हें हमें दूर करना होगा।
उन्होंने कहा कि जैसा कि सदन के नेता ने सरकारी संकल्प में पर्यावरण सुरक्षा की बात कही है, यह जरूरी है कि आज सर्वोच्च न्यायालय तथा राष्ट्रीय हरित ट्रिब्यूनल दीवाली के बाद प्रदूषण को लेकर तरह-तरह के आदेश पारित कर रहे हैं। इसका समाधान जरूरी है कि इस विषय को हम शिक्षा प्रणाली में अनिवार्य रूप से लागू करें और बारहवीं व उसके बाद जलवायु परिवर्तन विषय को एक अनिवार्य विषय के रूप में पाठ्यक्रम में जोड़ें।
संविधान दिवस के उपलक्ष्य में हरियाणा विधानसभा के विशेष सत्र में जहां हंगामा भी देखने को मिला, तो वहीं विधायकों की चुटकियों और चर्चाओं के अंदाज से सदन का माहौल भी खुशनुमा भी रहा। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा हंगामे के बाद कुछ हलके मूड में दिखे तो कुछ विधायकों ने अपनी बात कहने के अंदाज से सदन का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया।
संविधान दिवस पर चर्चा चल रही थी, बारी आई असंध के विधायक शमशेर सिंह विर्क गोगी की। पहली बार सदन में बोलने का मौका देने पर विधायक गोगी ने पहले तो स्पीकर ज्ञानचंद गुप्ता का धन्यवाद किया और फिर अपनी बात शुरू की। गोगी ने संविधान पर चल रही चर्चा पर साफ कहा कि संविधान को खतरा तो चुने हुए प्रतिनिधियों से हैं। उन्होंने कहा कि मैं सच बोलता हूं और सच के सिवाए कुछ नहीं बोलता, इसलिए किसी को मेरी बात का बुरा नहीं मानना चाहिए, संविधान दिवस तभी सार्थक माना जाएगा जब हम सभी नब्बे विधानसभा सदस्य शपथ लें कि हम संविधान के दायरे से कभी बाहर नहीं जाएंगे।
उन्होंने कहा कि स्पीकर महोदय, आप सभी को शपथ दिलवाएं कि वे संविधान के खिलाफ नहीं जाएंगे। गोगी ने कहा कि सेवादार बनना बहुत मुश्किल होता है, जिन्होंने यह संविधान बनाया, वे सच्चे सेवादार थे, इसलिए आज हमें भी संविधान के दायरे में रहकर सेवादार बनकर जनता की सेवा करनी है। संविधान पर गोगी के तर्कों को सुनकर सदन में ठहाके जैसा माहौल बन गया। गोगी के एक तर्कों में बोलते हुए एक शब्द त्रुटिपूर्ण भी निकल गया, जिसे बाद में विधायक गीता भुक्कल और डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने स्पीकर से आग्रह करके सदन की नोटिंग में ठीक करवाया। लेकिन गोगी के तर्कों का सदन में किसी ने विरोध नहीं किया।
चर्चा का दौर जारी था कि अचानक नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा गंभीर अंदाज में खड़े हुए और उन्होंने स्पीकर से कहा कि सदन का नया सिटिंग प्लान जारी हुआ है, उसमें चार नंबर सीट पर फोटो किसी और का है और सीट पर कोई और बैठा है। हुड्डा की बात सुनकर स्पीकर चौंक गए और हैरान हुए।
हुड्डा ने कहा स्पीकर साहब आप सिटिंग प्लान चेक कीजिए। हैरतजनक अदांज में स्पीकर ने जब सिटिंग प्लान चेक किया तो उन्होंने कहा कि चार नंबर पर मंत्री अनिल विज की फोटो हैं और सीट पर भी वही बैठें है। इस पर हुड्डा ने चुटकी भरे अंदाज में कहा फोटो में तो काली दाड़ी वाला व्यक्ति है और सीट पर तो सफेद दाड़ी वाला बाबा बैठा है, यह कौन है? हुड्डा का इतना कहना था कि सदन में जबरदस्त ठहाके लगे, इस पर विज भी मुस्करा दिए।
बिशनलाल ने भी खींचा ध्यान
विधायक बिशनलाल सैनी भी संविधान पर चर्चा कर रहे थे, तभी उन्होंने अपनी बात को कहीं और मोड़ दिया। उन्होंने कहा स्पीकर साहब पहले ये बताया जाए कि क्या संविधान में हारे हुए भी कभी जीत हुआ बताया जा सकता है। इस पर स्पीकर ने कहा आप कैसी बातें कर रहे हैं, हारे हुए को जीता हुआ कैसे बताया जा सकता है।
इस पर बिशनलाल सैनी ने कहा, यही तो हलकों में हो रहा है। भाजपा के नेता हलको में विधानसभा चुनाव की समीक्षा बैठकें करने आ रहे हैं और सार्वजनिक रूप से कह रहे हैं कि उनके हारे हुए प्रत्याशियों को जीता हुआ समझा जाए। इस पर स्पीकर ने कहा आप संविधान विषय पर बात करें, जब बिशनलाल नहीं माने तो स्पीकर ने उन्हें बैठा दिया।
हरियाणा विधानसभा के एक दिवसीय विशेष सत्र के दौरान मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राण न्यौछावर करने वाले हरियाणा के वीर शहीदों समेत अन्य दिवंगतों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। सदन की शुरूआत में मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने पिछले सत्र के अंत से लेकर इस सत्र के शुरू होने मृत्यु को प्राप्त हुए हरियाणा के शहीदों, हरियाणा विधानसभा सदस्यों व पूर्व सदस्यों के निकट संबंधियों, अन्य गणमान्य व्यक्तियों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता ने भी शोक प्रस्ताव पढ़े और सदन में दी गई श्रद्धांजलि व शोक प्रस्तावों को शोक-संतप्त परिवारों के पास पहुंचाने का आश्वासन दिया। नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि अर्पित की और शोक प्रस्ताव पढ़े। सदन के सदस्यों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की।
सदन ने उन वीर सैनिकों को अपने श्रद्धासुमन अर्पित किए जिन्होंने मातृभूमि की एकता और अखंडता की रक्षा के लिए अदम्य साहस का परिचय देते हुए अपने प्राण न्यौछावर किए हैं। इनमें अंबाला शहर के सूबेदार कमलजीत सिंह, जिला रोहतक के खरकड़ा गांव के हवलदार सोमदत्त और जिला चरखी दादरी, गांव दुधवा के सिपाही अमनदीप शामिल हैं।
विधानसभा सदस्यों के जिन निकट संबंधियों को श्रद्धांजलि दी गई उनमें पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के भाई धर्मेंद्र सिंह हुड्डा, विधायक जगदीश नायर के पिता करोड़ीमल नायर, विधायक लक्ष्मण सिंह यादव के चचेरे भाई जगदीश यादव, विधानसभा के पूर्व उपाध्यक्ष कुलबीर सिंह मलिक के चचेरे भाई बलवीर सिंह मलिक, पूर्व मंत्री बिजेंद्र सिंह कादियान के साले सुशील देसवाल, पूर्व सांसद डॉ. सुधा यादव की माता संतोष यादव और पूर्व विधायक गंगाराम के बहनोई राम मेहर शामिल हैं।
इन विधायकों ने भी संविधान की महत्ता बताई
संविधान दिवस पर सदन में सीएम और डिप्टी सीएम के अलावा विधायक भूपेंद्र सिंह हुड्डा, नैना चौटाला, अभय सिंह यादव, किरण चौधरी, रणबीर गंगवा, असीम गोयल, ईश्वर सिंह, कंवरपाल, बीबी बतरा, संजय सिंह, देवेंद्र बबली, राकेश दौलताबाद, प्रदीप चौधरी, लक्ष्मण नापा, राव दान सिंह, डा. कमल गुप्ता, गीता भुक्कल, घनश्याम दास अरोड़ा, रामकुमार गौतम, देवेंद्र बबली, राकेश दौलताबाद, डा. कृष्ण मिड्डा, बलराज कुंडू, सोमबीर सांगवान, शैली, हरविंद्र कल्याण, बिशनलाल सैनी ने भी अपने विचारों के माध्यम से भारतीय संविधान की महत्ता पर सदन में प्रकाश डाला।
हरियाणा की गठबंधन सरकार के मंत्रिमंडल गठन के बाद विधानसभा में सत्ता पक्ष की सीटों का सिटिंग प्लान बदल गया है। इस बार सीएम के पीछे दो ही मंत्रियों को सीटें आवंटित की गई हैं। पिछली बार तीसरी पंक्ति में उद्योग मंत्री विपुल गोयल को सीट मिली थी। इस बार सीएम मनोहर लाल के पीछे संसदीय कार्य मंत्री कंवरपाल गुर्जर और सहकारिता मंत्री डॉ. बनवारी लाल को ही सीट आवंटित की गई है। कंवरपाल की सीट पर पिछली सरकार में कृषि मंत्री ओपी धनखड़ और बनवारी लाल की सीट पर स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज बैठते थे।
सीएम के साथ वाली पंक्ति में डिप्टी सीएम दुष्यंत के साथ गृह मंत्री अनिल विज बैठेंगे। इस बार उनके पीछे किसी मंत्री की सीट नहीं है। दुष्यंत की सीट पर पिछली बार संसदीय कार्य मंत्री रामबिलास शर्मा व विज की सीट पर वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु बैठा करते थे। इनके पीछे पूर्व मंत्री कृष्ण लाल पंवार की सीट थी। इस बार अधिकांश सीटें स्पीकर के बिल्कुल सामने मंत्रियों को आवंटित की गई हैं। किरण चौधरी की सीट राज्य मंत्री अनूप धानक को मिली है। पूर्व वन मंत्री राव नरबीर की जगह इस बार रणजीत चौटाला बिठाए गए हैं।
पूर्व मंत्री कविता जैन की सीट कृषि मंत्री जेपी दलाल को आवंटित की गई है। पूर्व मंत्री कृष्ण बेदी की जगह अब राज्य मंत्री कमलेश ढांडा बैठेंगी। कैबिनेट मंत्री बनवारी लाल की सीट राज्य मंत्री संदीप सिंह को आवंटित हुई है। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला की सीट पर इस बार परिवहन मंत्री मूलचंद शर्मा बैठे। पूर्व राज्य मंत्री कर्णदेव कंबोज की सीट राज्य मंत्री ओपी यादव को मिली है। पूर्व मंत्री कृष्ण लाल पंवार की सीट विधायक कमल गुप्ता व पूर्व उद्योग मंत्री विपुल गोयल की सीट भाजपा विधायक महिपाल ढांडा को आवंटित हुई है।