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स्पेशल रिपोर्ट: उद्योगों के लिए स्वर्ग है दादरा, नगर हवेली और दमन व दीव

Sun, 22 Oct 2017 04:13 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़(दादरा नगर हवेली और दमन दीव से लौटकर विशाल पाठक )
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dadra and nagar haveli
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देश में संभवत: दादरा नगर हवेली और दमन व दीव उद्योगों के लिए स्वर्ग जैसे हैं। दोनों की आबादी जहां कुल मिलाकर करीब पांच लाख के करीब है वहीं दोनों केंद्र शासित राज्यों में करीब 6500 उद्योग लगे हुए हैं।   दोनों जगह उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए टैक्स फ्री किया गया है।  सबसे प्रमुख बात यह है कि यहां पर घरेलू बिजली की दर 1.20 रुपये प्रति यूनिट है, जबकि कामर्शियलबिजली की 3.20 रुपये प्रति यूनिट है। 
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मुंबई से उत्तर में करीब 167 किमी और सूरत से करीब 95 किमी की दूरी पर स्थित दादरा नगर हवेली और दमन व द्वीप स्थित हैं।  दादर नगर हवेली का क्षेत्रफल 491 वर्ग किमी है, जो कि  चंडीगढ़ से दोगुना है। यहां की  आबादी करीब 3.50 लाख है। यहां 3 हजार उद्योग हैं।

दमण प्रशासन के राजस्व का मुख्य स्रोत इंडस्ट्री और टूरिज्म है। दमन टूरिज्म के डायरेक्टर मोहित मिश्रा ने बताया कि दमन और सिलवासा में करीब 3500 इंडस्ट्री है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार और स्थानीय प्रशासन ने उद्योग को बढ़ावा देने के लिए इंडस्ट्री को टैक्स में कई प्रकार की छूट दी है। यहां पर प्लास्टिक, फैब्रिक और टेक्सटाइल्स के कारखाने हैं। दमन के वित्त सचिव डॉ. एसबी दीपक कुमार के मुताबिक इंडस्ट्री, टूरिज्म व अन्य स्रोतों से प्रशासन को सालाना 800 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त होता है। जबकि चंडीगढ़ में 2950 लघु उद्योग, 15  बड़े उद्योग हैं जहां से चंडीगढ़ प्रशासन को सालाना 650 करोड़ रुपये तक राजस्व प्राप्त होता है।
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dadra and nagar haveli
घरेलू और कामर्शियल बिजली सस्ती
यहां के निवासियों को सस्ती दर पर बिजली उपलब्ध कराई जाती है। घरेलू बिजली की दर 1.20 रुपये प्रति यूनिट है। जबकि व्यावसायिक बिजली की दर यहां 3.20 रुपये प्रति यूनिट हैं। इंडस्ट्री स्थापित करने के लिए यहां बिजली की कॉमर्शियल टैरिफ 3.20 रुपये प्रति यूनिट रखा गया है। पुर्तगालियों ने दादरा नगर हवेली को कभी भी अपने रहने के लिए नहीं चुना। पुर्तगाल प्रशासन दमन और द्वीप में रहता था।

दादर नगर हवेली में रहने वाले आदिवासी कबीले को पुर्तगाली प्रशासन ने केवल राजस्व के नजरिए से इस्तेमाल किया। वहां मौजूद खनिज, वाणिज्य, प्राकृतिक संसाधन का इस्तेमाल कर पुर्तगाल प्रशासन ने यहां बड़े-बड़े उद्योग स्थापित किए। दादरा नगर हवेली  में 3 हजार के करीब इंडस्ट्री स्थापित हैं, जोकि स्थानीय प्रशासन को 70 प्रतिशत राजस्व जुटा कर देती है।

दादर नगर हवेली का इतिहास
2 अगस्त 1954 को मुक्त कराने तक पुर्तगालियों ने यहां शासन किया। 1954 से 1961 तक यह प्रदेश लगभग स्वतंत्र रूप से काम करता रहा। 11 अगस्त 1961 को यह प्रदेश भारतीय संघ में शामिल हो गया और यह एक केंद्र शासित प्रदेश है। इसी तरह दमन करीब 112 वर्ग किमी में फैला हुआ है। जबकि चंडीगढ़ का क्षेत्रफल 114 वर्ग किमी है। यहां की जनसंख्या करीब 3.50 लाख की हैं। जबकि चंडीगढ़ की आबादी वर्तमान में करीब 15 लाख है।
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dadra and nagar haveli
चर्च करते हैं आकर्षित
मोती दमन में  कई चर्च निर्मित हैं। यहां का सबसे प्रसिद्ध चर्च कैथेडरल बोल जेसू है। इसका निर्माण 1603 ई. में हुआ था। जबकि संत जेरोम फोर्ट नानी दमन में 1614 ई. से 1627 ई. के बीच बनाया गया था। इस किले का निर्माण मुगल आक्रमाणों से सुरक्षा के लिए किया गया था। इस किले में तीन बुर्ज हैं। 

 देविका बीच
देविका बीच दमन से 5 किलोमीटर उत्तर में स्थित है। इस बीच के पास पर्यटकों की सुविधा के लिए रेस्टोरेंट्स, बार तथा होटल की व्यवस्था है।

बिजली के दाम प्रति यूनिट
चंडीगढ़                             दादरा नगर हवेली और दमन दीव
(घरेलू)                                         
5 रुपये तक                                    1.20 रुपये 
 व्यावसायिक
5.45 रुपये तक                                                3.20 रुपये
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