स्मार्ट सिटी बनाने केलिए स्पेशल पर्पज व्हीकल (एसपीवी) बनाया जाएगा। जिसमें चंडीगढ़ प्रशासन और नगर निगम की 50-50 प्रतिशत हिस्सेदारी होगी।
यही एसपीवी पूरे प्रोजेक्ट का काम देखेगा। पहले 20 स्मार्ट शहरों में नहीं आने के बाद चंडीगढ़ प्रशासन ने अपने स्तर पर शहर को स्मार्ट बनाने के प्रयास शुरू कर दिए हैं।
अधिकारियों का कहना है कि चंडीगढ़ सिर्फ स्मार्ट सिटी प्रतियोगिता से बाहर हुआ है। ग्रांट इत्यादि पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा। टॉप-20 शहरों की ही तरह चंडीगढ़ को भी पहले साल 200 उसके बाद तीन साल तक 100-100 करोड़ रुपये की ग्रांट मिलेगी। जो शहर के विकास पर खर्च होगी। एसपीवी इसके लिए योजनाएं तैयार करेगी।
यह रहेगा बजट का खेल
स्मार्ट सिटी बनाने केलिए चंडीगढ़ का 1500 करोड़ रुपये का बजट एस्टीमेट तैयार हुआ है। जिसमें 500 करोड़ रुपये केंद्र सरकार देगी, 500 करोड़ स्टेट गवर्नमेंट यानी यूटी प्रशासन वहन करेगा। बाकी बचे 500 करोड़ रुपये प्रापर्टी ऑक्शन से जुटाए जाएंगे। ग्रीनफील्ड डेवलपमेंट के लिए विकास मार्ग पर 257 एकड़ जमीन चिन्हित की गई है।
जहां इनोवेशन हब/बायोटेक पार्क/एजुकेशन सिटी डेवलप की जानी है। इसकेअलावा सेक्टर-17 में ली कार्बूजिए के डिजाइन पर 11 मंजिल की बिल्डिंग बननी है। इसकेलिए जगह चिन्हित हो चुकी है। इन दोनों प्रापर्टी की नीलामी से स्मार्ट सिटी के लिए शेष राशि जुटाई जाएगी।
स्मार्ट सिटी: चंडीगढ़ को मिले 100 में से 54.73 अंक
20वें नंबर पर रहे भोपाल से महज .74 अंक कम
स्मार्ट सिटी प्रतियोगिता में चंडीगढ़ को 100 में से 54.73 अंक मिले। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में 20वें नंबर पर रहे भोपाल से चंडीगढ़ को मात्र .74 अंक कम मिले हैं। चंडीगढ़ को 24वें स्थान पर रखा गया है। यानी .74 अंकों के अंदर तीन अन्य शहर भी स्मार्ट सिटी की टॉप ट्वेंट्ी से बाहर हो गए।
स्मार्ट सिटी पर एमओयूडी अधिकारियों से हुई वीडियो कांफ्रेंसिंग
शुक्रवार को यूटी प्रशासन के अधिकारियों और केंद्र सरकार के कैबिनेट सचिव व शहरी विकास मंत्रालय केसचिव के बीच वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग हुई। इस बातचीत के दौरान यूटी के अधिकारियों ने कहा कि देश को जल्द से जल्द स्मार्ट सिटी का उदाहरण पेश करना है। चुने गए सभी शहरों में चंडीगढ़ ही ऐसा शहर है जिसे तेजी से स्मार्ट बनाया जा सकता है। यहां ग्रीनरी और स्पेस जैसी सुविधाएं पहले से उपलब्ध हैं। कांफ्रेंस में एडवाइजर विजय देव, गृह सचिव अनुराग अग्रवाल और स्मार्ट सिटी नोडल ऑफिसर दानिश अशरफ शामिल रहे।
अनुराग अग्रवाल, मिशन डायरेक्टर, स्मार्ट सिटी कम गृह सचिव, चंडीगढ़ ने बताया कि स्मार्ट सिटी केलिए एसपीवी बनाया जाएगा। टॉप-20 में नहीं आने से ग्रांट पर कोई असर नहीं पड़ेगा। एमओयूडी से प्रस्ताव में जो कमियां पता चलेंगी, उनको जल्दी से काम कर दुरुस्त करेंगे। कुल 1500 करोड़ केबजट में 500 करोड़ क्रेंद्र सरकार, 500 स्टेट गवर्नमेंट से मिलेगा। बाकी बजट विकास मार्ग पर विकसित होने वाले बिजनेस हब और सेक्टर-17 की साइट ऑक्शन से जुटाया जाएगा।
दानिश अशरफ, नोडल ऑफिसर,स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट ने बताया कि कंसल्टेंट से वीक प्वाइंट्स पता चलने के बाद उसकेअनुसार ही काम किया जाएगा। प्रस्ताव में थोड़े बहुत बदलाव कर 15 अप्रैल तक इसे दोबारा शहरी विकास मंत्रालय के पास जमा करवाया जाएगा। अप्रैल के अंतिम सप्ताह में अगली 20 स्मार्ट सिटी की घोषणा होगी। लेकिन प्रशासन ने प्रस्ताव पर अभी से काम शुरू कर दिया है।