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9 तीखे सवाल, मनप्रीत बादल से जानिए जवाब

Fri, 04 Apr 2014 03:44 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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शिरोमणि अकाली दल से बगावत कर अपना नया दल पीपुल्स पार्टी ऑफ पंजाब (पीपीपी) बनाकर विधानसभा चुनाव लड़े मनप्रीत सिंह बादल लोकसभा चुनाव में कांग्रेस से गठबंधन कर बठिंडा सीट से मैदान में उतरे हैं।
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यहां इनका मुकाबला अपनी भाभी और मौजूदा सांसद हरसिमरत कौर बादल से है। बठिंडा प्रदेश के उन चुनिंदा सीटों में से एक हैं जिन पर सियासी माहिरों की नजरें टिकी हैं। अमर उजाला से बातचीत में मनप्रीत बादल ने पंजाब के हालात और चुनावी रणनीति पर खुलकर चर्चा की। पेश हैं उनसे शशिकांत शर्मा की बातचीत के प्रमुख अंश।

- कांग्रेस से गठबंधन के बाद आप जीत के प्रति कितने आश्वस्त हैं?
शत प्रतिशत। चुनाव प्रचार में जनता का भरपूर समर्थन और प्यार मिल रहा है। शिअद सरकार के कुप्रबंधों से जनता ऊब चुकी है बदलाव चाहती है। लोग इज्जत के मोहताज हैं। मेरा मानना है कि हर चीज के लिए पैसे चाहिए पर इज्जत से जीने के लिए किसी दौलत की जरूरत नही है।
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- गठबंधन पार्टी कांग्रेस से कितना सहयोग मिल रहा है?
कांग्रेस ही नहीं मुझे सीपीआई का भी सहयोग मिल रहा है। कांग्रेस के स्थानीय से लेकर प्रदेश स्तर तक के नेता चुनावी मुहिम में पूरा सहयोग कर रहे हैं।

- अकाली-भाजपा के विकास के दावे में कितना दम है?
विकास का मतलब होता है कि लोगों के जीवन स्तर में बढ़ोतरी होना। अकाली-भाजपा सरकार में जीवन स्तर में बढ़ोतरी तो दूर की बात है, लोग मूलभूत सुविधाओं से भी वंचित हैं।

अकाली-भाजपा सरकार की ओर से विकास के मद में पैसा खर्च करने के दावे झूठे हैं, क्योकि यह पैसा लोगों से टैक्स के रूप में एकत्र किया हुआ है। राज्य में रेत-बजरी, ट्रांसपोर्ट, केबल आदि सब पर बादल परिवार का कब्जा है। जहां राजा व्यापारी हो वहां प्रजा भिखारी बनकर रह जाती है। पंजाब को मुसीबतों से बचाने के लिए इसे बादल परिवार के नाम करवा देना चाहिए। इसके बाद ही बादल परिवार राज्य की तरक्की करेगा।

-आपके चुनावी मुद्दे क्या हैं?
मै लोगों के पास पंजाब में बढ़ रही बेरोजगारी, नशे से बर्बाद हो रही युवा पीढ़ी और अमन-कानून की बिगड़ी स्थिति के साथ-साथ अकाली-भाजपा सरकार के विकास के झूठे दावों का पर्दाफाश कर निजाम बदलने के नाम पर वोट मांग रहा हूं। मैं पहले जैसा खुशहाल, आपसी प्रेम वाला पंजाब वापस लाना चाहता हूं। मैं लोगों को जागरूक करना चाहता हू कि सांप्रदायिक ताकतों से परहेज करें ताकि पंजाब में बिगड़ी अमन कानून की स्थिति पटरी पर लाई जा सके। लोगों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने के लिए रोजगार, भ्रष्टाचार, नशा मुक्त प्रदेश बनाना जरूरी है।

- मोदी लहर का पंजाब पर कितना असर है?
मुझे पंजाब में क हीं भी मोदी की लहर नजर नहीं दिख रही है। सारे दावे वोटों की गिनती के बाद हवा हो जाएंगे। अकाली-भाजपा का गठबंधन सैद्धांतिक तौर पर भी सही नहीं है क्योंकि दोनों पार्टियों का मकसद धर्म के नाम पर लोगों को लड़ाकर राज करना है।

-अकाली-भाजपा सरकार की ओर से राज्य में लोगों पर थोपे गए विभिन्न टैक्सों के बारे में क्या कहेंगे?
मैं मानता हूं कि राज्य की आर्थिक स्थिति बुरे दौर से गुजर रही है। राज्य सरकार को कर्ज पर ब्याज चुकाने के लिए भी कर्ज लेना पड़ रहा है। लोगों पर कई तरह के टैक्स लगाकर राज्य की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं की जा सकती है। मेरा मानना है कि इसके लिए सरकार को ऐसा राजनीतिक हल ढूंढना चाहिए जिससे लोगों पर किसी भी तरह का बोझ न डाला जाए। मैंने पहले भी राज्य के वित्त मंत्री रहते हुए ऐसा हल निकाला था जिसका खामियाजा मुझे मंत्री पद छोड़कर करना पड़ा था।

-क्या आप आगे भी कांग्रेस से गठबधन करेंगे।
2017 में भी हमारा गठबंधन कांग्रेस के साथ होगा। जहां तक कांग्रेस के निशान पर चुनाव लड़ने का है तो उनकी प्राथमिकता पीपीपी के निशान पर ही चुनाव लड़ने की रहेगी लेकिन अगर किसी कारण चुनाव कमीशन के निर्देशों के चलते वे पीपीपी के निशान पर चुनाव लड़ने में असमर्थ रहे तो वे कांग्रेस के निशान पर चुनाव लड़ेंगे।

-आपके पिता गुरदास बादल चुनावी मुहिम में भाग नही ले रहे हैं।
वे 85 वर्ष के हैं। फिर भी वे लंबी हलके में चुनाव प्रचार कर रहे हैं। वे रोजाना लंबी के गांवों में चुनाव प्रचार कर रहे हैं।

- चुनाव जीतने के बाद अगर मौका मिला तो राज्य के लिए क्या प्राथमिकता होगी?
मैंने शहीद भगत सिंह के गांव खटकड़क लां मे सौगंध खाई थी कि वे राज्य के लोगों को भ्रष्टाचार, बेरोजगारी, गरीबी, नशा व समाज व देश विरोधी गतिविधियों से मुक्त प्रशासन देंगे। इसके लिए मैं हरसंभव प्रयास करूंगा।
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