मनचलों से सुरक्षा देने वाला गर्ल सेफ्टी कास्ट्यूम बनाने वाली मनीषा मोहन को राष्ट्रपति भवन से विशेष सम्मान मिला है।
इनोवेटिव स्कॉलर्स इन रेजिडेंस के लिए उनका चयन हुआ है और वह एक महीने तक राष्ट्रपति भवन में रहेंगी। मनीषा ऑटोमोबाइल इंजीनियर हैं।
उनके पिता प्रो. कृष्ण मोहन पीयू में ज्योग्राफी विभाग के प्रोफेसर हैं। उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा सेक्टर-26 के सेक्रेड हार्ट स्कूल से ली है।
दिल्ली दुराचार मामले से मिली प्रेरणा
एसआरएम यूनिवर्सिटी चेन्नई से बीटेक आटोमोबाइल इंजीनियरिंग कर रही 21 वर्षीय मनीषा के अनुसार वह सर्दियों की छुट्टियों में चंडीगढ़ आई हुई थीं। उसी दौरान दिल्ली दुराचार मामला हुआ। यह घटना उसके दिल और दिमाग में घर कर गई। एक युवा इंजीनियर होने के नाते उन्होंने लड़कियों की सुरक्षा के लिए कुछ करने की सोची और फिर इस कॉस्ट्यूम का इनोवेशन हुआ। मनीषा ने यह कॉस्ट्यूम मात्र तीन महीने में तैयार किया। इसके लिए उन्हें गांधीयन यंग टैलेंट इनोवेशन अवार्ड-2013 से भी नवाजा गया है। अब इसके लिए उनका चयन इनोवेशन स्कालर्स इन रेजिडेंस स्कालरशिप के तहत किया गया है। इस स्कॉलरशिप के तहत 21 वर्षीय इंजीनियर मनीषा को राष्ट्रपति भवन में एक महीने तक रहने का मौका मिलेगा। यह देश की पहली ऐसी स्कालरशिप होगी, जिसमें युवा प्रतिभागी को अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका राष्ट्रपति भवन में मिलेगा। यह स्कीम दिसंबर 2013 को शुरू की गई है।
मनीषा है आटोमोबाइल इंजीनियर
•छूने पर मनचलों को लगेगा 3800 केवी का झटका
•कुछ ही सैकेंड में जीपीएस से पुलिस को भी जाएगी सूचना
•दिल्ली दुराचार मामले के बाद इसे डिजाइन किया था
ऐसा है कॉस्ट्यूम
कॉस्टयूम डिजाइनर ने बताया कि इसको अंडर गारमेंट (ब्रा) में तैयार किया गया है। जिसमें 3800 केवी का इलेक्ट्रिक शॉक होगा। लड़की को छूने पर यह करेंट मनचले के होश उड़ा देगा। कास्ट्यूम में लगा जीपीएस सिस्टम छूने मात्र से ही अभिभावकों और पुलिस को मैसेज के जरिए तुरंत जानकारी दे देगा। यहां तक की इस के जरिए पीड़िता की लोकेशन तक का पता चल जाएगा। यह कॉस्टयूम इतना इंटेलिजेंट है कि साधारण स्पर्श और जोर जबरदस्ती के अंतर को समझ कर ही वर्क करेगा।
बेटी पर गर्व है: प्रो. कृष्ण
प्रो. कृष्ण मोहन ने कहा कि उन्हें अपनी बेटी पर गर्व है, जो चंडीगढ़ से ही नहीं बल्कि देश का नाम रोशन करेगी। उनकी बेटी ने लड़कियों की सुरक्षा के लिए बेहतरीन कार्य है जिस पर उन्हें नाज है। मां निशी मोहन ने कहा कि उन्हें भी अपनी बेटी पर गर्व है।