दशहरे मेले का प्रबंधक सौरव मैदान उर्फ मिट्ठू अपने परिवार सहित मजिस्ट्रेट जांच में शामिल हुआ। जांच टीम ने उससे कई घंटे लगातार पूछताछ की और बयान लिए। शिअद और भाजपा इस पूरे हादसे का ठीकरा सौरव मदान के सिर पर फोड़ रही थी और इसी कारण मिट्ठू मदान कई दिनों तक घर को ताला लगाकर फरार भी रहा।
मजिस्ट्रेट जांच अधिकारी बी. पुरुषार्था और उनकी टीम ने मिट्ठू मदान से बंद कमरे में लगातार पूछताछ की। विस्तार से पूरे घटनाक्रम की जानकारी के अलावा उनके बयान भी दर्ज किए गए। 19 अक्तूबर को अमृतसर में जौड़ा फाटक के पास दशहरा मेले का आयोजन किया गया। इस दौरान काफी संख्या में लोग पटरी पर खड़े थे।
जिस समय रावण दहन हुआ, तब अचानक आई ट्रेन से कटकर 59 लोगों की मौत हो गई थी। जबकि 113 लोग घायल हो गए थे। अकाली भाजपा आयोजक सौरव मदान मिट्ठू पर निशाना साधा रही थी। हालांकि सौरव मदान का कहना था कि उसने आयोजन की परमिशन ली थी। दशहरा चारदीवारी के भीतर था, लेकिन लोग जौड़ा फाटक की पटरी पर आ गए। इसमें वह कसूरवार नहीं है।