बेटा तीर्थनगरी घमाने के लिए मां को लेकर आया और यहीं छोड़ गया। यह मां का दिल ही है कि बुजुर्ग महिला बेटे को कोसने के बजाय उसके सुखी होने की प्रार्थना कर रही है। 85 वर्षीय आशा रानी पत्नी स्व. सीताराम निवासी ग्राम फाजलपुर, जालंधर, पंजाब को यहां सरकारी अस्पताल में भर्ती करवाया गया है।
बेटा मोहनलाल 16 अप्रैल को घूमाने के बहाने तीर्थनगरी लेकर पहुंचा था। यहां उसने आसपास मठ-मंदिरों के दर्शन भी कराए। गंगा स्नान के लिए त्रिवेणीघाट लेकर भी पहुंचा। यहां पर मां को घाट पर कपड़ों से भरा बैग देकर बैठा दिया। इसके बाद बेटे ने मां से कहा, मैं अभी आता हूं। इसके बाद लौट कर नहीं आया।
वृद्धा ने भगवान भरोसे खुले आसमान के नीचे ही रात गुजारी। सुबह स्वास्थ्य बिगड़ने पर कुछ लोगों ने 108 सेवा की मदद से वृद्धा को सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल में ट्रॉमा सेंटर के वार्ड में भर्ती वृद्धा पथराई आंखों से बेटे की राह देख रही है।
उनसे जब बेटे की करतूत के बारे में पूछा, तो वह लड़खड़ाती आवाज में बोली उसे कुछ नहीं कहो। मेरे करम ही ऐसे होंगे। मां उसे आशीर्वाद भी दे रही है। पुलिस ने बताया कि मामला संज्ञान में है। वृद्धा ने घर का जो पता बताया है, उसे ट्रेस करने का प्रयास किया जा रहा है।