देशहित में सरकार को इस बात का भी ख्याल रखना चाहिये की लोकतंत्र में सहमति और भरोसे से आगे बढ़ने के प्रयास सबसे महत्वपूर्ण होते हैं। सभी मुख्यधारा के दलों को बातचीत का हिस्सा बनाना चाहिए। अनुच्छेद 370 बदलने की प्रक्रिया तानाशाही नहीं, समझदारी से विश्वास और शांति के माहौल में होनी चाहिए।
उधर, फतेहाबाद में राष्ट्र गौरव दिवस यात्रा के दौरान प्रदेश भाजपा सचिव व वन एवं विकास निगम के चेयरमैन जवाहर सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व गृह मंत्री अमित शाह ने जम्मू कश्मीर पुनर्गठन बिल पास करके डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी को सच्ची श्रद्धांजलि दी है, उसी को लेकर आज सभी उत्सव के रूप में मना रहे हैं।
जम्मू नहीं, अब पठानकोट तक जा रही रोडवेज की बसें
जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 समाप्त करने के बाद सुरक्षा के चलते रोडवेज की बसों का रूट बदल दिया गया है। हरियाणा और दिल्ली से जम्मू जाने वाली बसों को पठानकोट तक ही भेजा जा रहा है। वहीं अंबाला डिपो से दिन में सात बसें जम्मू जाती हैं, जिनको पठानकोट तक कर दिया गया है।
सेंट्रल यूनिवर्सिटी में 55 कश्मीरी विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए पीसीआर तैनात
हकेंविवि महेंद्रगढ़ में पढ़ने वाले जम्मू-कश्मीर के 55 विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए पीसीआर तैनात की गई है। मंगलवार को नायब तहसीलदार किफायत तुल्ला यूनिवर्सिटी पहुंचे और विद्यार्थियों से बातचीत की। रोहतक में भी रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर सघन चेकिंग अभियान चलाया गया।
स्वतंत्रता सेनानी ने बताया- शेर की आकृति जैसा था भारत का नक्शा
जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने पर 101 वर्षीय स्वतंत्रता सेनानी खुशीराम ने नरेंद्र मोदी सरकार की तारीफ की। उन्होंने पाक अधिकृत कश्मीर को भी भारत का हिस्सा बताया। स्वतंत्रता सेनानी ने बताया कि जब वह स्कूल में पढ़ने जाते थे तब देश का नक्शा शेर की आकृति जैसा था। देश के टुकड़े होने से आज नक्शा देखने का दिल नहीं करता।