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राज्य सरकारों ने निकाल लिया SC के शराबबंदी के फैसले का तोड़, देखिए

Fri, 07 Apr 2017 09:15 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पानीपत(हरियाणा)
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liquor vends
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राज्य सरकारों ने सुप्रीम कोर्ट के शराबबंदी के फैसले का तोड़ निकाल लिया है, जो अगर अमल में लाया गया तो शराबबंदी का कोई असर नहीं होगा। दरअसल, राज्य सरकारों ने हाइवे के कैटेगरी बदलनी शुरू कर दी है। राजस्थान और पंजाब सरकार की तर्ज पर शराब के ठेकों को बचाने के लिए अब स्टेट हाईवे की कैटेगरी में बदलाव कर सकती है।
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इस संबंध में सीएम मनोहर लाल खट्टर ने भी स्पष्ट संकेत दिए हैं। बुधवार को महर्षि कश्यप प्रकाशोत्सव पर आयोजित समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे मुख्यमंत्री ने कहा कि इस संबंध में वित्त मंत्री से बात करेंगे। पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों को ध्यान में रखते हुए शराब के ठेकों के लिए पॉलिसी बनाई जाएगी।

सीएम ने कहा कि शराब के ठेकों को नेशनल और स्टेट हाईवे से हटाकर कुछ स्थानों पर कॉलोनियों में स्थापित किया जा रहा है। इसका लोग लगातार विरोध कर रहे हैं। इसलिए अब सरकार बीच का रास्ता निकालने की तैयारी कर रही है। सरकार इसके लिए पॉलिसी ला सकती है। इसमें कुछ सड़कों को स्टेट हाईवे की कैटेगरी से बाहर कर सकती है।
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गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद हो रही राजस्व हानि को देखते हुए प्रदेश सरकारें बीच के हल निकालने में जुट गई हैं। इसी के तहत अब हरियाणा सरकार भी स्टेट हाईवे की कैटेगरी बदलने पर विचार कर रही है।
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प्रॉपर्टी बाजार की काला बाजारी होगी खत्म

मनोहर लाल खट्टर - फोटो : अमर उजाला
सीएम ने कहा कि सरकार इस बार कलेक्टर और मार्केट रेट को भी एक समान करेगी। इसके बाद मार्केट की काला बाजारी खत्म हो जाएगी। कुछ लोग जमीन खरीदकर सस्ते में रजिस्ट्री करा लेते हैं। बाद में उसे महंगे में बेच देते हैं। इससे दलाली बढ़ रही है। सरकार के नए कदम के बाद बाजार और कलेक्टर का एक ही रेट होगा। बाहरी कॉलोनियों के एक हजार रुपये प्रति वर्ग गज के विकास के रेट के सवाल पर सीएम ने कहा कि इसे कम करने पर विचार किया जा रहा है।

134-ए पर बोले, 10 प्रतिशत होंगे दाखिले
मुख्यमंत्री ने करनाल में अभिभावक एसोसिएशन के सवाल पर कहा कि सरकार 134-ए के तहत दाखिले कराने के लिए प्रयासरत है। इसमें केवल नियमानुसार 10 प्रतिशत ही दाखिले दिए जाएंगे। सरकार प्राइवेट स्कूल प्रबंधन को सरकारी स्कूल चलाने के लिए दे रही है। करनाल और महेंद्रगढ़ में इस पर एमओयू भी साइन हो रहा है। प्राइवेट स्कूलों के सहयोग से सरकारी स्कूलों में एक्टिविटी कराकर सरकारी स्कूल के बच्चों की शिक्षा का स्तर सुधारा जाएगा।

पुलिस-प्रशासन में बदलाव के संकेत
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने मीडिया में प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के तबादले की सूचनाओं पर मुहर लगा दी। हालांकि, वे असंतुष्ट विधायकों के सवाल को टाल गए। उन्होंने कहा कि एडमिनिस्ट्रेशन में बदलाव होता है। यह सब समय की मांग के अनुसार होना भी चाहिए। इस तरह के बदलाव प्राइवेट संस्थानों में भी होते रहते हैं।
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