चंडीगढ़ में 6,229 सरकारी मकानों में रहने वाले परिवारों को जल्द ही राहत मिलेगी। मुख्य सचिव एच राजेश प्रसाद ने क्रेस्ट और विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की एक कमेटी गठित की है, जो सोलर यूजर चार्जेस यानी सौर उपयोगकर्ता शुल्क को रिवाइज करेगी। सोलर यूजर चार्जेस घटाए जाएंगे। दो और तीन कमरे के सरकारी आवास में रहने वाले हजारों कर्मचारी रूफटॉप सोलर प्लांट लगे होने के बावजूद बिजली के महंगे बिलों से परेशान आ चुके हैं।
शहर में कुल 103.623 मेगावॉट रूफटॉप सोलर प्लांट इंस्टाल किया जा चुका है। सोलर प्लांट के जरिए पैदा होने वाली सौर्य ऊर्जा को ग्रिड के जरिए बिजली के रूप में इस्तेमाल करने से शहर में 2 लाख 20 हजार 579 टन कार्बन उत्सर्जन में कमी आई है। अकेले सरकारी आवास पर लगे सोलर प्लांट की अगर बात करें तो इससे बीते दो महीने में 3.32 मेगा यूनिट सौर ऊर्जा पैदा की गई है।
चंडीगढ़ रिनुअल एनर्जी एंड साइंस एंड टेक्नोलॉजी प्रोमोशन सोसाइटी (क्रेस्ट) के मुताबिक 30 नवंबर तक शहर में 11,663 साइट्स पर 103.623 मेगावॉट रूफटॉप सोलर प्लांट इंस्टाल किया जा चुका है। जोकि ग्रिड से जोड़ा गया है, इसकी बिजली ग्रिड में जाती है।
-अब तक 67 मेगावॉट तक रूफटॉप सोलर प्लांट इंस्टाल किए गए।
-शहर में कुल 6,606 सरकारी इमारतों और कार्यालयों पर सोलर प्लांट लगाए गए हैं।
-चंडीगढ़ ने शत प्रतिशत सरकारी कार्यालयों पर पीएम सूर्य घर योजना के तहत सोलर प्लांट इंस्टाल करने का लक्ष्य हासिल किया है।
-शहर के रिहायशी या निजी कारपोरेट कार्यालयों पर कुल 36.079 मेगावॉट तक रूफटॉप सोलर प्लांट इंस्टाल किया जा चुके हैं।
-5,057 निजी घरों, व्यवसायिक दुकानें, औद्योगिक प्लॉट और अन्य निजी इमारतों पर सोलर प्लांट लगाए गए हैं।
सोलर यूजर चार्जेस को रिवाइज करने के लिए विभाग को निर्देश दिए गए हैं। कर्मचारियों के बिलों की भी जांच होगी। इसको लेकर कमेटी जल्द ही रिव्यू कर फैसला लेगी। - एच राजेश प्रसाद, मुख्य सचिव, चंडीगढ़ प्रशासन।