अगर आप सिटी ब्यूटीफुल में छत पर सोलर पॉवर प्लांट लगाकर इनकम करना चाहते हैं तो यूटी प्रशासन ने आपको अच्छा मौका दिया है। प्रशासन ने छत पर लगने वाले पैनल की बेंचमार्क कॉस्ट घटा दी है। इससे 3 किलोवॉट का सोलर प्लांट करीब 40 हजार तक सस्ता हो गया है। इसके साथ ही पैनल पर सब्सिडी दी जा रही है।
चंडीगढ़ में रूफटॉप सोलर पॉवर को लोकप्रिय बनाने को लेकर यूटी प्रशासन के गृह सचिव एवं सह प्रमुख सचिव (विज्ञान और प्रौद्योगिकी और नवीकरणीय ऊर्जा) अरुण कुमार गुप्ता की अध्यक्षता में बैठक हुई। मीटिंग में कहा गया कि प्रशासन ने चंडीगढ़ को आदर्श सौर शहर बनाने के लिए योजना बनाई है। प्रशासन के चीफ इंजीनियर मुकेश आनंद ने सोलर पैनल की प्रक्रिया के सरलीकरण पर जोर दिया ताकि अधिक से अधिक लोग छत पर सौर ऊर्जा की स्थापना के लिए आगे आएं। इससे लोग व्यवसाय भी कर सकते हैं।
ऐसे मिलेगी पैनल लगाने में छूट
होम सेक्रेटरी ने बताया कि भारत सरकार ने छत पर सौर ऊर्जा के लिए नई सब्सिडी योजना को जारी कर दिया है, जिसमें सब्सिडी राशि दी गई है। रूफटॉप सोलर के लिए प्रशासन की ओर से लोगों को 30 से 40 प्रतिशत की छूट दी जा रही है। 3 से 4 किलोवॉट क्षमता तक के पैनल पर 30 से 40 प्रतिशत तक सब्सिडी मिलेगी।
कोई भी लगवा सकता है सोलर पैनल
उन्होंने यह कहा कि शहर में ग्राउंड माउंटेड सोलर सिस्टम के लिए सीमित गुंजाइश और क्षमता है, इसलिए रूफटॉप एकमात्र ऐसा क्षेत्र है, जहां क्षमता का उपयोग किया जा सकता है। उन्होंने आगे कहा कि यह सुविधा 500 वर्ग गज से ऊपर के आवासीय घरों के लिए अनिवार्य है, लेकिन छोटे भूखंड के आकार वाले घर भी योजना का लाभ उठा सकते हैं।
6 साल में कर सकते हैं भुगतान
चंडीगढ़ में रूफटॉप सौर ऊर्जा प्रणाली के लिए भुगतान की अवधि लगभग 6 वर्ष है। मीटिंग में 30 सितंबर को समाप्त होने वाले रूफटॉप सोलर पावर सिस्टम की अनिवार्यता की समय सीमा बढ़ाने का अनुरोध किया। इस मौके पर बलजिंदर सिंह बिट्टू, डॉ. अनीश गर्ग, प्रदीप चोपड़ा, जगपाल सिंह, पंकज खन्ना, संजीव चड्ढा, डॉ. ओपी वर्मा, नवीन मंगलानी, अरुण महाजन, कमलजीत सिंह पंछी सहित कई लोग उपस्थित रहे।