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अपने जरूरत भर की ऊर्जा नहीं जनरेट कर सका प्रशासन, कैसे बनेगा स्मार्ट!

Sun, 11 Feb 2018 11:11 AM IST
विशाल पाठक/अमर उजाला, चंडीगढ़
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चंडीगढ़ प्रशासन - फोटो : DEMO Pics
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साल 2022 तक यूटी प्रशासन ने 50 मेगावॉट तक सोलर प्लांट लगाने का लक्ष्य रखा है। चंडीगढ़ को सोलर सिटी का खिताब दिलाने के लिए प्र्रशासन हर संभव प्रयास कर रहा है। शहर की सभी सरकारी व गैर सरकारी इमारतों पर रूफटॉप सोलर प्लांट लगाए जा रहे हैं, लेकिन सोलर सिटी का सपना पूरा होते नहीं दिख रहा है।
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रिहायशी एरिया में सोलर प्लांट लगाने को लेकर प्रशासन अब तक लोगों को पूरी तरह जागरूक नहीं कर सका है। शहर में रिहायशी इमारतों पर अब तक मात्र 2.86 मेगावाट तक ही रूफटॉप सोलर प्लांट लगाया जा सका है।

चंडीगढ़ रिन्युअल एनर्जी, साइंस एंड टेकभनोलॉजी प्रोमोशन सोसाइटी (क्रेस्ट) के मुताबिक  अब तक शहर में जितने सोलर प्लांट लगाए गए हैं, उनसे जनवरी 2013 से लेकर 31 जनवरी 2018 तक 30.02 मिलियन यूनिट (3 करोड़ 2 लाख यूनिट) सौर्य ऊर्जा पैदा की जा सकी है। सोलर प्लांट की मदद से अब तक जो ऊर्जा पैदा की गई है, अगर उसे दाम के रूप में देखा जाए, तो क्रेस्ट 18 करोड़ की बिजली पैदा कर चुका है।
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यह प्रशासन के तमाम सरकारी विभागों में इस्तेमाल की जाने वाली बिजली के बिल का एक चौथाई हिस्सा भी नहीं है। बिजली विभाग के अधिकारियों की मानें तो प्रशासन के अंतर्गत आने वाले विभाग साल भर में औसतन 100 करोड़ की बिजली का इस्तेमाल करते हैं। 
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हाउसिंग सोसाइटी के लिए भी सोलर प्लांट लगाना जरूरी

चंडीगढ़ ओपन हैंड - फोटो : file photo
16.14 मेगावॉट तक के सोलर प्लांट लगाए गए
क्रेस्ट के मुताबिक शहर की सरकारी इमारतों पर अब तक 13.28 मेगावॉट और गैर सरकारी यानी रिहायशी एरिया में 2.86 मेगावॉट सोलर प्लांट लगाया जा चुका है। एक मेगावॉट के सोलर प्लांट के जरिए साल भर में करीब 10 लाख यूनिट बिजली पैदा की जा रही है।

31 मई 2018 तक प्राइवेट व कॉमर्शियल बिल्डिंग पर सोलर प्लांट जरूरी
18 मई 2016 को यूटी प्रशासन की ओर से जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक शहर में रिहायशी और व्यवसायिक इमारतों पर रूफटॉप सोलर प्लांट लगाना जरूरी है। नोटिफिकेशन के मुताबिक रिहायशी इमारतों पर 500 से 1 हजार प्रति वर्ग गज के मकान पर एक किलोवॉट सोलर प्लांट, एक हजार से 3 हजार प्रति वर्ग गज के मकान पर 2 किलोवॉट सोलर प्लांट और 3 हजार प्रति वर्ग गज से ऊपर के मकान पर 3 किलोवॉट सोलर प्लांट लगाना जरूरी है। नोटिफिकेशन के मुताबिक शहर के सभी प्राइवेट इंस्टीट्यूट, स्कूल, कॉलेज और यूनिवर्सिटी में 5 किलोवॉट तक सोलर प्लांट लगाना जरूरी है। इसके अलावा सभी सरकारी इमारतों पर कम से कम 2 किलोवॉट तक सोलर प्लांट लगाना जरूरी है।

हाउसिंग सोसाइटी के लिए भी सोलर प्लांट लगाना जरूरी
प्लॉट एरिया                           कितने किलोवॉट तक प्लांट
0.5 से 1 एकड़ तक                         10
1 से 2 एकड़ तक                            20
2 से 5 एकड़ तक                            30
5 एकड़ एरिया से ऊपर                       40
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