Haryana CM Manohar Lal & Yashpal Malik
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जींद में 15 फरवरी को होने वाली भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की बाइक रैली पर संकट बरकरार है। जाट समुदाय जहां विरोध पर अडिग है, वहीं भाजपा और प्रदेश सरकार रैली के आयोजन पर दृढ़संकल्प है।
संकट का हल निकालने के लिए प्रदेश सरकार ने दिल्ली में डेरा डाल दिया है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने पुलिस, गृह और सीआईडी के अधिकारियों को दिल्ली तलब किया है। शाह की रैली पर केंद्र के अधिकारियों के साथ मिलकर दिल्ली से नजर रखी जाएगी। दूसरी ओर, कोशिश यह भी की जा रही है कि जाट आरक्षण संघर्ष समिति के अध्यक्ष यशपाल मलिक और अन्य नेताओं से बातचीत करके समाधान शांतिपूर्ण हल निकाल लिया जाए।
इसके लिए रविवार दोपहर हरियाणा भवन में सरकार की जाट नेताओं के साथ बातचीत होगी। इस दौरान केंद्र के अधिकारी भी मौजूद रहेंगे। इस दौरान यदि समाधान नहीं निकला तो फोर्स तैनात करके बाइक रैली का आयोजन किया जाएगा। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुभाष बराला का साफ कहना है कि रैली किसी भी कीमत पर होगी। भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने भी स्पष्ट कह दिया है कि सत्ताधारी दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष की रैली में व्यवधान उचित नहीं होगा।
वहीं, सरकार में मौजूद जाट नेताओं ने भी कहना शुरू कर दिया है कि विरोध का तरीका उचित नहीं है। आज तक हरियाणा के इतिहास में यह नहीं हुआ कि किसी पार्टी की रैली का विरोध किया जाए। बताया जा रहा है कि जाट नेताओं और सरकार की बैठक में जाट नेताओं से पूछा जाएगा कि शाह की बाइक रैली के विरोध का क्या औचित्य है?
60 पैरा मिलिट्री कंपनियां भेजने के आदेश
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60 पैरा मिलिट्री कंपनियां भेजने के आदेश
हरियाणा के गृह सचिव एसएस प्रसाद ने मुख्यमंत्री को केंद्रीय गृह सचिव के साथ हुई बातचीत का ब्योरा दिया है। केंद्र सरकार ने हरियाणा के लिए 60 पैरा मिलिट्री कंपनियां भेजने के आदेश दिए हैं। जबकि 90 कंपनियों के आर्डर एक दो दिन में हो जाएंगे। रैली के आयोजन के लिए प्रदेश में कुल 150 कंपनियां तैनात की जाएंगी। कहां कितनी कंपनियां तैनात होंगी इस बात की जानकारी गृह सचिव ने दे दी है।
सरकार से बातचीत को दिल्ली जाएंगे जाट नेता
बातचीत के सरकार के न्योते को जाट प्रतिनिधियों ने स्वीकार कर लिया है। रविवार को दिल्ली में सीएम के साथ मुलाकात होगी। इसमें सीएम के साथ राज्य मंत्री कृषि बेदी समेत अन्य आला अफसर मौजूद रहेंगे। जबकि जाटों की ओर से अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय यशपाल मलिक, हरियाणा के प्रदेशाध्यक्ष अशोक बलहारा समेत हर जिले से एक-एक प्रतिनिधि भी उपस्थित रहेंगे। इस दौरान सरकार का प्रयास रहेगा कि किसी तरह जाटों को जींद में होने वाली अमित शाह की रैली का विरोध नहीं करने के लिए मना लिया जाए।
मेरे एजेंडे को मान लेंगे तो विरोध नहीं करेंगे : मलिक
अखिल भारतीय जाट संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक ने कहा कि उन्होंने सरकार के समक्ष अपना एजेंडा रख दिया है। यदि बातचीत में सीएम इन एजेंडों पर रजामंद हो जाते हैं तो प्रदेश में किसी प्रकार का जाट आंदोलन नहीं होगा, वरना सरकार जाटों के संघर्ष और आंदोलन के लिए तैयार रहे। मलिक ने कहा कि अब मामले में जाट समुदाय के लोग सरकार का थमाया लॉलीपाप नहीं पकड़ेंगे।
इन एजेंडों पर अड़े हैं जाट
Jat Agitation
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इन एजेंडों पर अड़े हैं जाट
- सरकार जाटों के खिलाफ दर्ज सीबीआई केसों को भी वापस ले
- जाटों के खिलाफ दर्ज जघन्य आपराधिक मामले वापस लिए जाएं
- जाटों को केंद्र और राज्यों में आरक्षण दिया जाए
- जाटों को केंद्र की नौंवीं सूची में शामिल किया जाए
- जाट आंदोलन के दौरान मारे गए जाट युवकों के परिवारों में से अभी तक सात परिवार नौकरी से महरूम है, उन्हें नौकरियां दी जाए