अब तक जिन फाइलों पर अधिकारियों के हस्ताक्षर में नौकरी में तैनाती की फाइलें अटक जाती थी, उनका तोड़ निकाल लिया गया है। हरियाणा की जेलों में अधिकारियों और कर्मियों को उनकी दक्षता और कार्यकुशलता के मुताबिक संबंधित पद का दायित्व सौंपे जाने के मामले में अब सॉफ्टवेयर की मदद ली जाएगी। इसके लिए सॉफ्टवेयर विकसित किया जा रहा है। यह सॉफ्टवेयर न केवल दक्ष लोगों को उनकी विशेषज्ञता के आधार पर पहचान करेगा, बल्कि उनकी तैनाती संबंधी सुझाव भी देगा।
सॉफ्टवेयर विकास का कार्य पूरा होते ही हरियाणा की जेलों में इसे लागू कर दिया जाएगा। हरियाणा के महानिदेशक (जेल) यशपाल सिंघल ने बताया कि नए सॉफ्टवेयर का विकास होने से प्रदेश की सभी जेलों में विभिन्न कार्यों में दक्ष कर्मियों और अधिकारियों की पहचान की जाएगी।
इसके लिए सभी के प्रोफाइल का अध्ययन किया जाएगा और उनकी उपलब्धियों और पहले के प्रदर्शन के आधार पर सॉफ्टवेयर उनकी तैनाती संबंधी निर्णय देगा। इससे कार्यों में पारदर्शिता बढ़ेगी तो दूसरी तरफ जेलों में मानव संसाधन का और बेहतर इस्तेमाल संभव हो सकेगा। सिंघल ने कहा कि डिजिटलाइजेशन को बढ़ावा दिया जा रहा है।