मानव सेवा से बढ़कर दूसरी कोई सेवा नहीं। इस सेवा को करने में जो सुख है, वह शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। अगर हर सक्षम इंसान यह सोच ले कि आर्थिक रूप से कमजोर लोगों की मदद करनी है तो संसार से दुख और पीड़ा को खत्म किया जा सकता है। यह कहना है पंचकूला के सेक्टर-7 निवासी मुरारी लाल गोयल का, जो पिछले कई वर्षों से समाजसेवा में जुटे हुए हैं। गोयल बीते पांच साल से सेक्टर-7 के दुर्गा मंदिर में भंडारा लगा रहे हैं। इसके पहले यह भंडारा सेक्टर-5 स्थित एमडीसी पंचकूला और उससे पहले शिवानंद आश्रम चंडीगढ़ में लगता था।
मुरारी लाल गोयल को पिछले वर्ष समाजसेवा के लिए कमिश्नर अंबाला की ओर से सम्मानित किया गया था। मुरारी लाल गोयल बताते हैं कि उनका परिवार मूलरूप से संगरूर (पंजाब) का रहने वाला है। 1972 में उनके पिता जी पंचकूला आए थे और यहां उन्होंने बिजनेस शुरू किया। उन्होंने बताया कि समाजसेवा की प्रेरणा उनको अपने पिता से ही मिली। उनके पिता बेहद दयालु प्रवृत्ति के थे और हर किसी की मदद को हमेशा तत्पर रहते थे। दान-पुण्य और लोगों की मदद करना उनका स्वभाव था। पिता को देखकर ही वह भी धीरे-धीरे समाजसेवा करने लगे और आज यही उनका मकसद बन गया है।
गोयल ने कहा कि वह जब तक जीवित रहेंगे लोगों की सेवा करते रहेंगे। उन्होंने बताया कि भंडारे के साथ वह हर रोज वृद्धाश्रम में करीब 4 किलो दूध भिजवाते हैं। इसके अलावा उन्होंने डेंटल एंड आई केयर अस्पताल भी पिंजौर में शुरू किया है, जिसका नाम ब्रह्मऋषि आश्रम है। यहां भी गरीबों का इलाज किया जाता है। इसके अलावा वह हैंडीकैप बच्चों को खाना खिलाते हैं और उन्हें रोजाना जरूरत का सामान उपलब्ध करवाते हैं। भंडारे और जरूरतमंद लोगों को दान देने के लिए वह किसी की मदद नहीं लेते, बल्कि खुद ही सारा खर्च करते हैं।
उन्होंने बताया कि उनकी सेक्टर-17 में रेडिमेड कपड़ों की शोरूम है। इसके अलावा प्रापर्टी से रेंट भी अच्छा खासा मिलता है, जिससे वह समाज सेवा करते हैं। उन्होंने बताया कि उनके दो बेटे भी उनकी मदद करते हैं। मुरारी लाल ने बताया कि सेक्टर-7 स्थित दुर्गा मंदिर में पिछले 5 सालों से भंडारा लगाते आ रहे हैं। उन्होंने दुर्गा मंदिर में ढाई फुट हनुमान जी की मूर्ति भी बनाकर दान की है, जिसका उद्घाट्न हाईकोर्ट पंजाब हरियाणा हाई कोर्ट के जज ने किया था। इसके अलावा उन्होंने सेक्टर 19 के गवर्नमेंट मॉडल स्कूल में ढाई लाख रुपये की लागत से लाइब्रेरी बनवाई है और उनकी रायपुररानी में गोशाला भी है।