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‘किरण खेर में साहस था तो गिरफ्तारी आदेश रद्द करवा बहस को आतीं’

Mon, 06 Mar 2017 11:47 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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सीमा आजाद ने दी अपनी प्रतिक्रिया - फोटो : File Photo
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एक्टिविस्ट सीमा आजाद ने सांसद किरण खेर के कायर कहने और बहस के लिए बुलाने पर अपनी प्रतिक्रिया उन्हीं के ही लहजे में अपनी फेसबुक वॉल पर दी है। उन्होंने लिखा कि जिस दिन मैं उनके क्षेत्र पंजाब यूनिवर्सिटी में गई और बहस के लिए वहां मौजूद थी तो उन्होंने मेरी गिरफ्तारी के आदेश करवा दिए।
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अब असफल होने पर मुझे ललकार रहीं हैं। सीमा आजाद ने लिखा कि अगर सांसद में उनसे बहस का साहस होता तो उस दिन गिरफ्तारी के आदेश रद्द करवाकर वाद-विवाद के लिए आतीं और एसएफएस का कार्यक्रम होने दिया होता।

आजाद ने कहा कि पीयू की घटना ने लोकतंत्र की स्थिति को भी उजागर कर दिया है। उन्होंने लिखा कि वह पीयू में सोवियत क्रांति और छात्र राजनीति के बीच संबंध पर बोलने आईं थीं। देश में प्रभावी हो रही तानाशाही ताकतों पर चोट के लिए एसएफएस इस सेमिनार का आयोजन करना चाहती थी। पाबंदियों के बाद भी एसएफएस अपने मकसद में कामयाब रही।
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किरण खेर ने यह कहा था 

सांसद ने वाद विवाद करने की दी खुली चुनौती - फोटो : File Photo
किरण खेर ने यह कहा था 
रविवार को सांसद किरण खेर ने सेक्टर-31सी और डी के जेपनीज गार्डन में 101 फुट ऊंचे राष्ट्रीय ध्वज के उद्घाटन पर सीमा आजाद पर टिप्पणी की थी। खेर ने सीमा आजाद को ओपन चैलेंज दिया था कि वह पीयू में बहुरूपिया बनकर घुसने की बजाय उनके साथ किसी भी विषय पर वाद विवाद कर लें।

सीमा आजाद जिस भी फ्रंट पर उन्हें बुलाएंगी, वह जाने को तैयार हैं। सीमा आजाद निडर हैं, लेकिन अगर लीडर होतीं तो वह पीयू में रुकतीं। ऐसे लोग कायर होते हैं। ऐसे लोग युवा पीढ़ी का दुरुपयोग करके सिर्फ अपनी घटिया राजनीति कर रहे हैं। 
 
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