स्नैचर का पीछा करते हुए गिरने से पूर्व नायब सूबेदार की रीढ़ और एक हाथ की हड्डी टूट गई।
स्नैचर बैग छीनकर फरार हो गया, जिसमें पासबुक, आधार कार्ड के अलावा पदोन्न्ति के लिए राष्ट्रपति की ओर से दिया गया प्रमाण पत्र भी था। उन्हें सेक्टर-21 के अलकेमिस्ट में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। परिजनों की शिकायत पर जीआरपी ने मामला दर्ज कर लिया है।
मूल रूप से यूपी के गाजीपुर के रहने वाले पूर्व सैनिक 60 वर्षीय नरेंद्र कुमार तिवारी 29 अक्तूबर की हावड़ा-अमृतसर मेल से यूपी से अपने परिवार के साथ जीरकपुर लौट रहे थे।
करीब सवा तीन बजे सैनिक डिब्बे में सवार तिवारी जैसे ही अंबाला छावनी पहुंचे और उतरने की तैयारी करने लगे। इसी बीच एक बदमाश आ धमका और बैग छीनकर फरार हो गया।
पूर्व नायब सूबेदार उसका पीछा करने के लिए ट्रेन से कूदे और पीछा करने के दौरान वे अंबाला छावनी में बाजीगर कालोनी पुल से नीचे गिर गए, जिससे उनकी रीढ़ की हड्डी टूट गई और हाथ में भी फ्रैक्चर हो गया।
तिवारी घंटों पुल के नीचे भरे पानी में कराहते रहे। बाद में स्थानीय लोगों ने उन्हें संभाला। कुछ देर बाद उनके परिवार के सभी सदस्य छावनी पहुंचे, जहां से नायब सूबेदार को सेना अस्पताल में भर्ती कराया गया।
बाद में उन्हें पंचकूला के अलकेमिस्ट में भर्ती कराया गया। डाक्टरों के मुताबिक उन्हें ठीक होने में चार-छह महीने का वक्त लग सकता है।