हेरोइन तस्कर हरभजन सिंह को शनिवार शाम करीब साढ़े पांच बजे अदालत में पेशी से वापस ले जाते समय अज्ञात लोगों ने फायरिंग कर पुलिस से छुड़वा लिया। फायरिंग में तीन पुलिसकर्मियों को पैरों में गोली लगी। घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंचा और घायल पुलिस कर्मचारियों को अस्पताल में दाखिल करवाया। तस्करों की तलाश शुरू कर दी गई है।
जानकारी के अनुसार नाभा पुलिस शनिवार को हरभजन सिंह को पेशी के लिए फिरोजपुर लेकर आई थी। यहां से पुलिस वैन में वापस जाते समय पांचों पुलिस कर्मचारी थाना घल्लखुर्द के अंतर्गत आती दो नहरों के पास सड़क किनारे एक दुकान पर बैठकर चाय पीने लगे। इसी दौरान एक कार में आए कुछ अज्ञात लोगों ने तीन पुलिसकर्मियों के पैर पर गोली मारी। इसके बाद वे हरभजन को कार में बिठाकर फरार हो गए।
हरभजन सिंह को उसके छोटे भाई जोगिंदर सिंह के साथ फाजिल्का के नजदीक सीमा पार से लाई गई 25 किलो हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया गया था। हरभजन और जोगिंदर सिंह का गांव निहालेवाला कंटीले तार और दरिया से सटा हुआ है। इनका पूरा परिवार पाकिस्तान से मादक पदार्थों की तस्करी में संलिप्त होने के कारण जेल में बंद है। पिछले दिनों पंजाब पुलिस ने इन तस्करों द्वारा छुपाई गई हेरोइन की तलाशी के लिए निहालेवाला के खेतों में बनी उसकी कोठी और आसपास खेतों की जेसीबी मशीनों से खुदाई करवाई थी। हालांकि पुलिस को वहां से कुछ भी हासिल नहीं हुआ था।
घटना पर उठे सवाल :
- ऐसे शातिर अपराधी को लेकर जाते समय पुलिस को सड़क के किनारे चाय पीने की क्या जरूरत थी जबकि वहां से घल्लखुर्द मात्र कुछ किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।
- तस्कर को छुड़ाने आए हथियारबंद लोगों ने तीनों पुलिस कर्मचारियों के पैरों में ही गोलियां क्यों मारी।
- वैन से सभी पुलिसकर्मी क्यों उतर गए।
- पुलिसकर्मियों ने जवाबी फायरिंग क्यों नहीं की।
अनिल विज, हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री