आबकारी और पुलिस की टीम ने सतलुज नदी से पकड़ा शराब बनाने का सामान।
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भारत-पाक सीमा के साथ बह रही सतलुज नदी के अंदर अवैध शराब माफियाओं ने लाखों लीटर कच्ची दारू तिरपाल और अन्य वस्तुओं में डालकर छिपा कर रखी है। इन दिनों नदी उफान पर है, जिस कारण पुलिस को नदी के अंदर छिपाकर रखी कच्ची दारू तलाशने में दिक्कत आ रही है। सोमवार को भी पुलिस ने नदी से कच्ची दारू पकड़ी है। इसके अलावा सीमांत गांवों में जिन लोगों को सियासी नेताओं का समर्थन है, वे अब भी कच्ची दारू चोरी छिपे तैयार करने में जुटे हैं।
सीमांत गांव अलीके, भाने वाला, खुंदर गट्टी, चांदी वाला व गट्टी राजोके के कुछ नौजवानों ने बताया कि अमृतसर, तरनतारन और बटाला में जहरीली शराब से लगभग 121 लोगों की जान जाने के बाद भी सीमांत गांवों में कच्ची दारू तैयार होना बंद नहीं हुई है। जिन लोगों को सियासी समर्थन है, वो कच्ची दारू निकालकर बेच रहे हैं। कोविड-19 के चलते लॉकडाउन के दौरान शराब के ठेके बंद होने पर कच्ची दारू की मांग बहुत बढ़ गई थी और सीमांत गांवों में पुलिस भी नहीं आती थी।