चंडीगढ़। मॉडल जेल बुड़ैल की सुरक्षा को और मजबूत करते हुए स्मार्ट और पोर्टेबल जैमर लगाए जाने की तैयारी चल रही है। आधुनिक 5जी नेटवर्क टेक्नोलॉजी से सुरक्षा को मजबूत किया जाएगा। हालांकि, अभी जेल में 2जी नेटवर्क के जैमर लगे हैं। जेल प्रशासन की मानें तो ऐसी व्यवस्था की जाएगी कि हर बैरक के बाहर जैमर होंगे। इससे अगर किसी तरह कैदियों के पास फोन पहुंच भी जाता है तो वह बात नहीं कर पाएंगे। बैरकों पर जैमर से फायदा यह होगा कि इससे जेल में अफसरों के फोन पर कॉलिंग मेें कोई फर्क नहीं पड़ेगा। इसके लिए भारत इलेक्ट्रानिक्स लिमिटेड से बातचीत चल रही है। उधर, जैमर से कैदियों के स्वास्थ्य पर बुरा असर न पड़े, इस पर भी ध्यान दिया जाएगा। बता दें कि बुड़ैल जेल के आसपास बड़ी हाउसिंग सोसाइटी भी हैं। जेल में बड़े जैमर से उनके सिग्नल भी प्रभावित हो चुके हैं। ऐसे में छोटे जैमर ही कारगर हैं।
आईजी जेल दीपक पुरोहित ने बताया कि पिछले साल जेल से 10 मोबाइल फोन बरामद हुए हैं। इनमें से तो तीन मोबाइल एक साथ बरामद हुए थे। जेल प्रशासन ने लापरवाही बरतने वाले तीन कर्मियों को नौकरी से भी निकाल चुका है। जेल में सुरक्षा को लेकर लगभग 200 कैमरे लगे हैं। वहीं बाहरी क्षेत्र में बाउंड्री वॉल के साथ 40 सीसीटीवी कैमरे लगाने की बात चल रही है। बता दें कि पिछले साल जेल की दीवार के साथ आरडीएक्स मिलने के बाद से सुरक्षा मजबूत की जा रही है।
कैदियों के लिए नई जेल बनेगी
जेल परिसर में लगभग दो हजार कैदियों की क्षमता वाली एक अन्य जेल बनाए जाने के प्रस्ताव पर काम चल रहा है। मौजूदा समय में जेल में 1120 कैदियों को रखने की क्षमता है, जिनमें एक हजार पुरुष और 120 महिला कैदी शामिल हैं। जानकारी के मुताबिक जेल में मौजूदा समय में लगभग 1160 कैदी हैं। दूसरी ओर, जेल के मुलाकाती सेल की रूपरेखा भी बदली गई है। अब एक साउंड प्रूफ शीशे के इस तरफ बैठकर कैदी अपने जानकार, संंबंधी या वकील से फोन पर बात कर पाएगा। दूसरी तरफ भी ऐसी ही व्यवस्था होगी। कुल 16 कैदी एक वक्त पर बात कर सकते हैं। इसके लिए केबिन बनाए गए हैं। इनके जरिए रोजाना लगभग 200 कैदी बात करते हैं। एक कैदी को बातचीत के लिए 20 मिनट दिए जाते हैं।