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स्मार्ट सिटी लगाएगी वाटर एटीएम, निजी कंपनी करेगी संचालन

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चंडीगढ़। शहर में लगाए जाने वाले 10 वाटर एटीएम के लिए कोई कंपनी नहीं आई है, इसलिए अब वाटर एटीएम खुद स्मार्ट सिटी ही लगवाएगी। इसके संचालन के लिए निजी कंपनियों को आमंत्रित किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट पर लगभग 50 लाख रुपये का खर्चा आएगा। हालांकि इसका अंतिम फैसला टेक्निकल कमेटी की बैठक में होगा। अधिकारी नए सिरे से इसके लिए रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (आरएफपी) तैयार कर रहे हैं।
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स्मार्ट सिटी ने वाटर एटीएम लगाने के लिए कंपनियों से आवेदन मांगे थे। यह निविदा 21 अक्तूबर को खुलनी थी, लेकिन प्री बिड में कंपनियों की ओर से लगाई गई आपत्तियों व सुझावों को निविदा शर्तों में शामिल करना था, लेकिन स्मार्ट सिटी की टेक्निकल कमेटी की बैठक ही 20 अक्तूबर को हुई। कमेटी के सदस्य छुट्टी पर होने की वजह से तीन बार बैठक टल गई। बैठक में देरी के चलते निविदा को 17 नवंबर तक बढ़ाया गया, लेकिन किसी कंपनी ने रुचि नहीं दिखाई। कंपनियों को जगह की कमी, प्रोजेक्ट के समय को लेकर आपत्ति है। अधिकारियों ने अब मशीनें खुद के पैसों से लगाने का फैसला लिया है। संचालन के लिए निजी कंपनियों से आवेदन मांग लिया जाएगा। टेक्निकल कमेटी की बैठक में जो फैसला होगा, उस पर आगे काम किया जाएगा।
यहां लगाए जाएंगे वाटर एटीएम
सेक्टर-35 की मार्केट में चार, सेक्टर-43 बस स्टैंड पर 3, जिला अदालत में 2 और सेक्टर-43 मार्केट में एक वॉटर एटीएम लगाया जाएगा। पहले इन्हें पीपीपी (पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप) मोड पर लगाया जाना था, लेकिन अब स्मार्ट सिटी ही लगाएगी।
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एबीडी एरिया में भी लगाने का था प्रस्ताव
स्मार्ट सिटी ने पहले एरिया बेस्ड डेवलपमेंट (एबीडी) सेक्टर-17, 22, 35 और 43 में 20 वाटर एटीएम पीपीपी मोड पर लगाने का प्रस्ताव बनाया था, लेकिन निविदा सेक्टर-35, जिला अदालत और सेक्टर-43 में 10 वाटर एटीएम लगाने के लिए लगाई गई। इसके लिए भी किसी कंपनी ने रुचि नहीं दिखाई, इसलिए स्मार्ट सिटी को अपनी योजना बदलनी पड़ी।
350 से 500 लीटर स्टोरेज वाले स्टोरेज टैंक का प्रस्ताव
स्मार्ट सिटी के प्रस्ताव के अनुसार एटीएम मशीनों में 350 से 500 लीटर क्षमता पानी के लिए स्टेनलेस स्टील स्टोरेज टैंक बनाने थे। एटीएम से निकलने वाले पानी का रोजाना अल्ट्रासोनिक लेवल जांचा जाना था। पानी का टीडीएस, टेंपरेचर, हार्डनेस और पीएच वैल्यू भी चेक की जानी थी। तय मानक के अनुसार एटीएम लगाने वाली कंपनी को रोजाना रिपोर्ट स्मार्ट सिटी को ऑनलाइन भेजनी थी। अगर किसी एटीएम कियोस्क की रिपोर्ट नहीं भेजी गई तो एक दिन का जुर्माना एक हजार लगना था। सूचना दिए बगैर महीने में चार दिन एटीएम बंद करने पर कंपनी का लाइसेंस रद्द किया जाना था। अब स्मार्ट सिटी अपने वाटर एटीएम लगाएगी तो नियम व शर्तें भी बदल जाएंगी।
बस स्टैंड व मार्केटों में प्रभावित होगा पानी का कारोबार
एटीएम मशीनों का असर मार्केट व बस स्टैंड पर पानी बेचने वाले दुकानदारों पर भी होगा। लोग सस्ते रेट होने के कारण वेंडिंग मशीन से पानी लेंगे। इससे पानी की एक लीटर और 20 लीटर के कैन की सप्लाई प्रभावित होगी, क्योंकि वेंडिंग मशीन से निकलने वाला पानी भी उच्च गुणवत्ता का होगा। इस स्थिति में लोग वेंडिंग मशीन की ओर जाएंगे।
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