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स्मार्ट सिटी, स्मार्ट जनता: पुलिस कर्मियों के खिलाफ 273 शिकायतें, 15 केस

Mon, 05 Sep 2016 09:50 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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चंडीगढ़ पुलिस - फोटो : file photo
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पुलिस वालों के खिलाफ लोगों की शिकायतें हमेशा ही रहती हैं। खासतौर पर फील्ड में पुलिस कर्मियों द्वारा बदसलूकी या फिर करप्शन की शिकायत होती है। नेशनल क्राइम रिपोर्ट ब्यूरो की हाल ही में जारी रिपोर्ट के अनुसार साल 2015 में शहरवासियों ने  यूटी  पुलिस कर्मचारियों के खिलाफ 273 शिकायतें विभाग के आला अफसरों को दीं।
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अफसरों ने इन शिकायतों पर विभागीय जांच के आदेश दिए। जिसके बाद 2015 में 15 पुलिस कर्मचारियों के खिलाफ केस भी दर्ज किए गए। नौ मामलों में कोर्ट से फैसला आया। एक पुलिस कर्मी को कोर्ट से दोषी करार दिया गया और सजा भी हुई। वहीं आठ मामलों में पुलिस कर्मी बरी कर दिए गए।

वहीं, सात केंद्र शासित प्रदेशों में पुलिस के खिलाफ 20156 में आई शिकायतों पर नजर दौड़ाएं तो चंडीगढ़ की पुलिस का नंबर दिल्ली और पुडुचेरी के बाद आता है। यूटी में सबसे ज्यादा शिकायतें दिल्ली पुलिस के खिलाफ (12913 केस) आईं। जबकि पुडुचेरी पुलिस के खिलाफ 283 शिकायतें की गईं। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह पुलिस के खिलाफ 21 शिकायतें आई और सभी के शिकायतों में मामला दर्ज हो गया है।
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नेशनल क्राइम रिपोर्ट ब्यूरो ने जारी की वर्ष 2015 की रिपोर्ट

चंडीगढ़ पुलिस पीसीआर
यूटी पुलिस कर्मियों के खिलाफ सबसे ज्यादा मामले करप्शन और ड्यूटी के दौरान लापरवाही बरतने के केस दर्ज हुए थे। साल 2015 में भी ऐसे ही कुछ मामलों में पुलिस कर्मचारी घिरे रहे। चंडीगढ़ पुलिस को  सबसे अधिक शर्मिंदगी 13 अगस्त 2015 को उठानी पड़ू जब ईओडब्ल्यू के डीएसपी को सीबीआई ने 40 लाख रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था।

सीबीआई ने मामले में ईओडब्लू में ही तैनात सब-इंस्पेक्टर सुरिंदर सिंह और बिचौलिए की भूमिका निभाने वाले दो बिजनेसमैन को भी पकड़ा था।  इसके बाद सीबीआई ने 21 दिसंबर 2015 को सेक्टर-17 स्थित ताज होटल के पास एक एसआई को 15 हजार रुपये की रिश्वत के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपी एसआई सेवक सिंह  सेक्टर-3 थाने में तैनात था। एसआई सेवक सिंह आरोपी हेमराज से 20 हजार रुपये की डिमांड कर रहा था। उसका कहना था कि अगर पैसे नहीं दिए तो डीडीआर को एफआईआर में दर्ज कर देगा।
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कैदियों के फरार होने पर दर्ज हुए केस

यूटी पुलिस - फोटो : फाइल फोटो
कोर्ट में पेशी के  दौरान पुलिस कर्मियों को चकमा देकर कैदी फरार हुए। जिस पर ड्यूटी के दौरान लापरवाही बरतने का केस संबंधित पुलिस कर्मचारी पर दर्ज हुए।

24 मार्च 2015 : बुडै़ल जेल में सजा काट रहा शातिर अपराधी सेक्टर-25 निवासी चीनू जिला अदालत में पेशी के बाद फरार हो गया। उस पर चोरी और चेन स्नैचिंग के दर्जन भर मामले चल रहे हैं। कांस्टेबल भीम सिंह के खिलाफ पुलिस ने केस दर्ज किया था।

09 जून 2015 : जिला अदालत से ही पहले फरार होने के कुछ दिन बाद पकड़े जाने पर चीनू को पेशी पर लाया गया। इस दौरान कांस्टेबल को चकमा देकर चीनू फिर फरार हो गया। वह कांस्टेबल का मोबाइल भी ले भागा। पुलिस कांस्टेबल हरबंस लाल के खिलाफ केस दर्ज कर लिया था।

07 अगस्त 2015 : दुराचार के मामले में पेशी पर आया मोहाली फेज-8 निवासी पवन कुमार पेशी के बाद फरार हुआ था। उसके खिलाफ सेक्टर-39 थाने में दुष्कर्म और धोखाधड़ी का मामला दर्ज है। कांस्टेबल राजबीर सिंह के खिलाफ केस दर्ज हुआ था।
 
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