बीते ढाई साल से प्रशासन की फाइलों में दौड़ रही चंडीगढ़ के स्मार्ट सिटी को धरातल पर लाने की कोशिश को जोरदार झटका लगा है। प्रशासन बिना किसी कार्ययोजना के टेंडर तो निकाल दिए लेकिन साइकिल शेयरिंग परियोजना और मृत जानवरों के शवों को जलाने के प्लांट के टेंडर को बोलीदाता ही नहीं मिले। अब प्रशासन फिर से नियम व शर्तें बदलकर इनके टेंडर निकालेगा।
स्मार्ट सिटी के तहत कई प्रोजेक्ट के लिए बीते साल दिसंबर माह में टेंडर निकाले गए थे। इनमें साइकिल शेयरिंग परियोजना और डड्डूमाजरा में मृत जानवरों के शवों का संस्कार करने को प्लांट लगाने का टेंडर भी शामिल था। लेकिन इन दोनों प्रोजेक्ट्स के लिए बोलीदाता नहीं मिले। हाल ही में तकनीकी समिति में इस मामले पर चर्चा भी हुई थी। मीटिंग में निर्णय लिया गया कि शर्तों में कुछ ढील देनी होगी।
शहर के लिए दोनों प्रोजेक्ट महत्वपूर्ण
साइकिल शेयरिंग सिस्टम के तहत शहर में 5 हजार साइकिलें आनी हैं। इसके लिए शहर 617 डॉकिंग स्टेशन बनाए जाएंगे। यह प्रोजेक्ट 20 करोड़ की लागत का है। साइकिल शेयरिंग सिस्टम पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप पर चलाई जाएगी। जिसमें नॉमिनल चार्ज पर लोगों को साइकिलें चलाने को मिलेंगी। हर एक स्टेशन पर 8 से 9 साइकिल रखी जाएंगी। उसी कंपनी को जिम्ममेदारी मिलेगी, जिसके पास साइकिल रेंट पर चलाने का अनुभव और सालाना टर्नओवर 20 करोड़ है। लेकिन इस प्रोजेक्ट के टेंडर को बोलीदाता नहीं मिल सके।
अयोग्य कंपनी ने लगाई बोली
सेक्टर 25 वेस्ट स्थित गारबेज प्रोसेसिंग प्लांट के पास एक एकड़ के प्लांट में मृत पशुओं को जलाने के लिए सीएनजी की भट्ठियां लगनी हैं। इसके तहत 5 करोड़ की लागत से पीपीपी मोड पर टेंडर निकाला गया है। इस भट्ठी में एक दिन में 10 बड़े और 30 छोटे पशुओं का संस्कार हो सकेगा। दो बोलीदाताओं ने मृत जानकारों के संस्कार के लिए प्लांट लगाने के लिए अपनी निविदाएं भेजी थीं। लेकिन इन दोनों को अयोग्य पाया गया था, जिसके चलते टेंडर का अलॉटमेंट नहीं हो सका।
700 करोड़ के जारी हुए थे टेंडर
स्मार्ट सिटी के तहत पहले ढाई सालमें काम बेहद धीमी गति से हुआ था। नए एडवाइजर मनोज परिदा के आने के बाद पहली बार 31 दिसंबर को 700 करोड़ रुपये के टेंडर जारी किए। इनमें स्मार्ट मीटर लगाने, साइकिल शेयरिंगग सिस्टम और डड्डूमाजरा में जानवरों के शवों का संस्कार करने के लिए प्लांट लगाने, मनीमाजरा में 24 घंटे पानी की सप्लाई शुरू करने और वाटर ट्रीटमेंट प्लांट को अपग्रेड करने के अलावा एक नया ट्रीटमेंट प्लांट लगाना भी शामिल था। इसमें दो प्रोजेक्ट को छोड़कर अन्य के टेंडर उठ चुके हैं।