नामधारी सतगुरु उदय सिंह की हत्या के लिए दिसंबर 2015 में किए गए कार बम धमाके की साजिश रचने और इसके लिए बम उपलब्ध करवाने के आरोपी को हाईकोर्ट ने झटका दिया है। दरअसल, पलविंदर सिंह की जमानत याचिका पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है। याचिका दाखिल करते हुए आरोपी ने हाईकोर्ट से जमानत देने की मांग की थी। याची ने कहा था कि वह लंबे समय से जेल में है और यदि उसे जमानत दी जाए तो वह जांच में सहयोग करेगा।
इसका विरोध करते हुए सीबीआई के स्पेशल प्रोसीक्यूटर सुखदीप सिंह संधू ने बताया कि जालंधर के डुगरी में एक कार में टिफन था, जिसमें बम था। इस बम से नामधारी सतगुरु उदय सिंह को मारने का प्रयास किया गया था। बम लेकर वे उदय सिंह तक पहुंच पाते इससे पहले ही बम फट गया और हमलावर खुद इसका शिकार हो गए। जांच आगे बढ़ी तो पता चला कि पंजाब में कई अन्य स्थानों पर ऐसे ही धमाके करने की योजना बनाई गई थी।
इसके बाद तीन लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया। उन्होंने इस मामले में पलविंदर सिंह का नाम लिया। जब उसे इसकी भनक लगी तो वह विदेश भाग गया। मामले की जांच पंजाब पुलिस कर रही थी लेकिन इसके बाद पंजाब सरकार ने मामले की जांच 2017 में सीबीआई को सौंप दी। सीबीआई ने माता चंद कौर की हत्या और इस बम ब्लास्ट के मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
इस दौरान इंटरपोल ने रेड कॉर्नर नोटिस जारी कर पलविंदर सिंह को पकड़ने का प्रयास शुरू किया। थाईलैंड पुलिस ने पलविंदर सिंह को पकड़ कर भारत को सौंप दिया। इसके बाद सीबीआई ने उससे पूछताछ शुरू की और जांच जारी है। यदि याची को जमानत दी जाती है तो वह केस की जांच को प्रभावित करने का प्रयास कर सकता है या फिर से भाग सकता है। हाईकोर्ट ने सीबीआई और याची का पक्ष सुनने के बाद जमानत याचिका को खारिज कर दिया।