वर्ष 2014 में जब निगम ने सर्वे कराया था तो मात्र 7 हजार वेंडर शहर में थे। उसके बाद निगम ने वर्ष 2016 में सर्वे कराया तो 21 हजार 622 लोगों ने स्ट्रीट वेंडिग के लिए रजिस्ट्रेशन कराया था। इससे नगर निगम में भी काफी हड़कंप मचा था कि आखिर इतने सारे वेंडर कैसे बढ़ गए। जबकि समय-समय पर इन्फोर्समेंट डिपार्टमेंट कार्रवाई करता है। उसके बाद स्पेशल कमिश्नर ने नई योजना लागू की है।
निगम की बैठक में भी उठता रहा है मुद्दा
निगम की बैठक में भी इनक्रोचमेंट को लेकर लगातार पार्षद सवाल उठाते रहे हैं। भाजपा पार्षद भरत शर्मा, आशा जायसवाल सहित कई अन्य पार्षदों ने कहा था कि शहर में इनक्रोचमेंट का यह हाल है कि मार्केट में पैदल निकलने तक को जगह नहीं है। ऐसे में कोई हादसा हुआ तो मौके तक फायर ब्रिगेड भी नहीं पहुंच सकती। वहीं फायर ब्रिगेड डिपार्टमेंट ने भी सेक्टर- 19 व 22 की मार्केट को लेकर निगम को पत्र लिखा था।
अवैध वेंडर को हटाने के लिए स्मार्ट कार्ड की व्यवस्था लागू की जा रही है। जल्द शहर से इनक्रोचमेंट को हटाने के लिए अभियान भी चलाएंगे। फील्ड इंस्पेक्टरों को भी सख्ती बरतने के लिए हिदायत दी है। -संजय कुमार झा, स्पेशल कमिश्नर, नगर निगम