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चंडीगढ़ः स्ट्रीट वेंडर को जारी होंगे फोटोयुक्त स्मार्ट कार्ड, किया ये काम तो लगेगा जुर्माना

Sun, 21 Jul 2019 05:19 PM IST
ajay kumar नवदीप मिश्रा, अमर उजाला, चंडीगढ़
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : amar ujala
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चंडीगढ़ में इनक्रोचमेंट रोकने के लिए नगर निगम बड़ा कदम उठाने जा रहा है। जल्द ही स्ट्रीट वेंडरों के लिए स्मार्ट कार्ड जारी किए जाएंगे। कार्ड में वेंडर की दुकान का स्थान, साइज व उसकी पूरी जानकारी फोटो के साथ होगी, ताकि आवंटित होने वाली दुकान पर दूसरा वेंडर न बैठ सके। नगर निगम ने अपने यहां रजिस्टर्ड वेंडरों का स्मार्ट कार्ड बनाना जारी कर दिया है। 

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नगर निगम के स्पेशल कमिश्नर संजय कुमार झा ने बताया कि शहर में इनक्रोचमेंट को लेकर काफी समस्या है। इसे लेकर हर बार निगम पर सवाल उठते रहे हैं। इस समस्या से निजात पाने के लिए स्मार्ट कार्ड जारी करने की योजना बनाई है। वर्तमान में नगर निगम के पास 9 हजार 356 रजिस्टर्ड स्ट्रीट वेंडर हैं। साथ ही 2200 रजिस्टर्ड वेंडिंग जोन है। 

इन सभी को निगम बुलाकर जानकारी ली जा रही है। इसके बाद इनकी रजिस्टर्ड दुकानों के आसपास चिह्न लगाकर यह तय कर दिया जाएगा कि इससे ज्यादा जगह लेने पर जुर्माना लगाया जाएगा। कार्ड में संबंधित व्यक्ति की पूरी जानकारी दी जाएगी। जिससे कि जब कभी उसके खिलाफ कार्रवाई करने हो तो पूरा ब्योरा हो।
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तीन केटेगरी में बांटे जाएंगे वेंडिंग जोन
वेंडिंग जोन तीन केटेगरी में बांटे जाएंगे। ए केटेगरी में कॉमर्शियल, बी केटेगरी में नॉन कॉमर्शियल और सी केटैगरी में छोटे स्ट्रीट वेंडर होंगे। प्रत्येक की जगह 30 स्क्वायर फीट होगी। वहीं केटेगरी के हिसाब से 300 से 2 हजार तक का किराया तय किया गया है। इससे कि वहां की सफाई व्यवस्था से लेकर अन्य मेंटेनेंस के काम भी आसानी से हो सकें।

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दो साल में तीन गुना बढ़ गये थे वेंडर

वर्ष 2014 में जब निगम ने सर्वे कराया था तो मात्र 7 हजार वेंडर शहर में थे। उसके बाद निगम ने वर्ष 2016 में सर्वे कराया तो 21 हजार 622 लोगों ने स्ट्रीट वेंडिग के लिए रजिस्ट्रेशन कराया था। इससे नगर निगम में भी काफी हड़कंप मचा था कि आखिर इतने सारे वेंडर कैसे बढ़ गए। जबकि समय-समय पर इन्फोर्समेंट डिपार्टमेंट कार्रवाई करता है। उसके बाद स्पेशल कमिश्नर ने नई योजना लागू की है।

निगम की बैठक में भी उठता रहा है मुद्दा
निगम की बैठक में भी इनक्रोचमेंट को लेकर लगातार पार्षद सवाल उठाते रहे हैं। भाजपा पार्षद भरत शर्मा, आशा जायसवाल सहित कई अन्य पार्षदों ने कहा था कि शहर में इनक्रोचमेंट का यह हाल है कि मार्केट में पैदल निकलने तक को जगह नहीं है। ऐसे में कोई हादसा हुआ तो मौके तक फायर ब्रिगेड भी नहीं पहुंच सकती। वहीं फायर ब्रिगेड डिपार्टमेंट ने भी सेक्टर- 19 व 22 की मार्केट को लेकर निगम को पत्र लिखा था।

अवैध वेंडर को हटाने के लिए स्मार्ट कार्ड की व्यवस्था लागू की जा रही है। जल्द शहर से इनक्रोचमेंट को हटाने के लिए अभियान भी चलाएंगे। फील्ड इंस्पेक्टरों को भी सख्ती बरतने के लिए हिदायत दी है। -संजय कुमार झा, स्पेशल कमिश्नर, नगर निगम 
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