प्रशासन ने शहर को स्लम फ्री बनाने की घोषणा करते हुए कॉलोनियों को पुनर्वास योजना के तहत शिफ्ट करने की घोषणा की गई है।
लेकिन, प्रशासन को चाहिए कि पहले पुनर्वास योजना के तहत जो मकान बनाए जा रहे हैं, उनमें पहले मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाए। इसके बाद कॉलोनी में झुग्गी निवासियों को शिफ्ट किया जाए।
यह बात पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं भाजपा नेता हरमोहन धवन ने रविवार शाम को बापूधाम में आयोजित पदयात्रा के दौरान कही। धवन का कहना है कि प्रशासन को पुनर्वास योजना के तहत लोगों को मकानों का मालिकाना हक अलॉटमेंट के समय ही दिया जाए।
धवन का कहना है कि इस समय धनास में पुनर्वास योजना के तहत बने फ्लैटों में कालोनी नंबर-5 के लोगों को शिफ्ट किया गया है, लेकिन अभी भी धनास में खस्ता हालत है।
यहां पर न तो बच्चों के लिए सरकारी स्कूल है और न ही इलाज के लिए डिस्पेंसरी बनाई गई है। जबकि, यहां पर लोग शिफ्ट होने के बावजूद बिजली और पानी की किल्लत से जूझ रहे हैं।
इस मौके पर धवन ने शहर के सांसद पवन बंसल और कांग्रेस को घेरते हुए कहा कि धनास में जो एक-एक कमरे का फ्लैट दिया गया है, वह किसी कबूतरखाने से कम नहीं है। यहां पर एक परिवार भी ठीक से नहीं रह पाएगा।
उनका कहना है कि भविष्य में प्रशासन को हर कॉलोनी वासी को पुनर्वास योजना के तहत दो-दो कमरों का फ्लैट दिया जाना चाहिए। उन्होंने लोगों से कहा कि कॉलोनी के युवाओं को रोजगार देने की कोई व्यवस्था नहीं की जा रही है।
इस मौके पर अनिल दुबे, हरीशंकर मिश्र, पप्पू शुक्ला, दलीप शर्मा, सुनील शर्मा, दवेंद्र सिंह औलख, नौशाद अली, संतोष शमा, संजीव शर्मा, पीरुमल, राजू, राजीव पांडे, त्रिलोकी सहित कई नेताओं ने भाग लिया।