प्रिंसिपल बनने का सपना देखने वाली छठी कक्षा की 11 वर्षीय छात्रा खुशी का सपना सोमवार को उस समय पूरा हो गया जब स्कूल प्रशासन ने उसे सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल (लड़की) का एक दिन के लिए प्रिंसिपल बना दिया गया। खुशी महज पौने तीन फुट की है।
सोमवार सुबह खुशी को घर से रिसीव करने के लिए विधायक परमिंदर सिंह पिंकी और स्कूल प्रिंसिपल पहुंचे। स्कूल पहुंचने पर बैंड-बाजे के साथ खुशी का स्वागत किया गया और फिर वह प्रिंसिपल रूम में पहुंचकर कुर्सी पर बैठी।
कुछ दिन पहले इस स्कूल में स्मार्ट क्लास रूम और लैब का उद्घाटन करने के लिए विधायक पहुंचे थे, तब उनकी मुलाकात खुशी से हुई। उन्हें पता चला कि बच्ची के पिता नहीं हैं और वह बेहद गरीब परिवार से है। इसके बाद उन्होंने बच्ची से बातचीत की।
बच्ची ने बताया कि वह बड़े होकर इसी स्कूल में प्रिंसिपल बनना चाहती है। इस पर उन्होंने बच्ची की हौसला अफजाई और उसके आत्मविश्वास को और मजबूत करने के लिए उसे एक दिन के लिए स्कूल का प्रिंसिपल बनाने का फैसला लिया, जिसके तहत सोमवार को खुशी को प्रिंसिपल बनाया गया।
खुशी को 51 हजार रुपये की एफडीआर भी करवाकर दी गई है, जिसे वह जरूरत पड़ने पर इस्तेमाल कर सकती है। स्कूल में 1100 बच्चियां पढ़ रही हैं और इससे उनका मनोबल भी ऊंचा होगा। स्कूली छात्राओं के साथ विधायक ने लंगर भी खाया।
प्रिंसिपल बनने के बाद खुशी ने स्कूल का दौरा किया। स्कूल में बनाए गए नए वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम का जायजा लिया और वहां मौजूद सभी अतिथियों को नए सिस्टम के बारे में बताया। खुशी ने स्कूल में आरओ सिस्टम और मिड मेड शैड पर छत लगवाने की इच्छा जताई, जिसे जल्द पूरा किया जाएगा।
खुशी की मां रोजी बाला ने कहा कि इससे उनकी बेटी का प्रिंसिपल बनने के लक्ष्य के प्रति मनोबल और बढ़ेगा। बच्ची को आशीर्वाद देने के लिए जगरांव स्थित नानकसर कलेरा गुरुद्वारा साहिब से बाबा लक्खा सिंह खास तौर पर पहुंचे और इस प्रयास पर खुशी जताई। इस मौके पर एडीसी रविंदरपाल संधू, एसडीएम अमित गुप्ता, डिप्टी डीईओ कोमल अरोड़ा और नगर काउंसिल ईओ चरणजीत शर्मा समेत कई अधिकारी मौजूद थे।
उल्लेखनीय है कि 13 सितंबर को डीसी चंद्र गैंद ने आरएसडी लाल रतन स्कूल की प्लस-वन की छात्रा अनमोल बेरी को एक दिन के लिए डीसी बनाया था, अब खुशी को एक दिन के लिए सरकारी स्कूल का प्रिंसिपल बनाया गया।