एससीओ की फ्लोर वाइज रजिस्ट्री को मंजूरी
हरियाणा सरकार ने एससीओ (शॉप कम ऑफिस) के लिए फ्लोर वाइज रजिस्ट्री को मंजूरी दे दी है। कैबिनेट के इस निर्णय के बाद एससीओ के दाम बढ़ना तय है और कॉमर्शियल प्रापर्टी महंगी हो जाएंगी। अभी तक कॉमर्शियल जमीन खरीदने वाले भू-मालिकों को फ्लोर वाइज रजिस्ट्री की अनुमति नहीं थी लेकिन रजिस्ट्री में हिस्सा दिखाकर भू-मालिक तहसील कर्मचारियों की मिलीभगत से बेच देते थे। इससे सबसे ज्यादा झटका सरकार को लगता था। अब फ्लोर वाइज रजिस्ट्री होने से सरकार को स्टांप ड्यूटी फीस के तौर पर मिलेगी।
स्टिल्ट प्लस फोर मकानों के मामले में प्रदेश सरकार पहले ही फ्लोर वाइज रजिस्ट्री की अनुमति दे चुकी है। वर्तमान में सरकार ने चौथी मंजिल के निर्माण पर रोक लगा दी है लेकिन तीन मंजिल तक फ्लोर वाइज रजिस्ट्री का प्रावधान है। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) के नियमों के अनुसार एससीओ 100 गज का होता है। सरकार के नए निर्णय के बाद ग्राउंड प्लास तीन मंजिल के एससीओ की फ्लोर वाइज रजिस्ट्री हो सकेगी।
गौड़ सभा को 33 साल के लिए पट्टे पर दी जाएगी निगम की जमीन
कैबिनेट ने रोहतक की गौड़ ब्राह्मण विद्या प्रचारिणी सभा को नगर निगम रोहतक की 15 एकड़ 33 कनाल भूमि 33 वर्ष की अवधि के लिए पट्टे पर देने को मंजूरी दे दी गई। गौड़ ब्राह्मण विद्या प्रचारिणी सभा 100 से अधिक वर्षों से सक्रिय रूप से शिक्षण संस्थान चला रही है। वर्तमान में सभा रोहतक में एक डिग्री कॉलेज, एक बीएड कॉलेज और एक स्कूल चला रही है। सभा प्रस्तावित भूमि का उपयोग मौजूदा शैक्षणिक संस्थानों के विस्तार के लिए करेगी। कब्जा सौंपने से पहले रोहतक नगर निगम और गौड़ ब्राह्मण विद्या प्रचारिणी सभा के बीच एक समझौता किया जाएगा।
मृत्यु प्रमाण पत्र देने पर शुरू होगी पेंशन
कर्मचारी की मौत के बाद परिवार के पात्र सदस्यों के उसका मृत्यु प्रमाणपत्र जमा कराने के बाद संबंधित की परिवार पेंशन शुरू की जाएगी। संशोधन के अनुसार, पेंशनभोगी की मृत्यु की स्थिति में उसकी विधवा या विधुर को पारिवारिक पेंशन उसी पेंशन भुगतान आदेश के तहत दी जाएगी, जिसके तहत पेंशनर अपनी पेंशन प्राप्त कर रहा था। पेंशनभोगी का मृत्यु प्रमाणपत्र प्राप्त होने और सामान्य आवेदन के बाद पेंशन शुरू करनी होगी। जहां कोई परिवार का उत्तराधिकारी पेंशन का हकदार नहीं है, उस मामले में आजीवन एरियर का भुगतान उत्तराधिकार प्रमाणपत्र प्रस्तुत करने पर मृत्यु-सह-सेवानिवृत्ति ग्रेच्युटी के लिए प्रदान किए गए नामांकन के अनुसार किया जाएगा।