खुदरा शराब की बिक्री जोन का आकार घटाया
छोटी क्राफ्ट ब्रेवरीज की लाइसेंस फीस कम करने का निर्णय लिया गया और वाइनरी की सुपरवाइजरी फीस में कमी की गई है। खुदरा शराब की बिक्री के जोन का आकार घटाकर चार से दो किया गया। इससे एमएसएमई सेक्टर के लोग भी इसका लाभ उठा सकेंगे।
कांच की बोतल में ही मिलेगी शराब
पर्यावरण के अनुकूल उपाय के रूप में नई नीति में 29 फरवरी 2024 के बाद शराब की बोतल में पीईटी (प्लास्टिक की) बोतलों के उपयोग को बंद किया गया है। इसके बाद शराब केवल कांच की बोतलों में ही मिलेगी। नई नीति में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के लिए जिला स्तर पर आइएफएल (बीआइओ) के लेबल का भी नवीनीकरण किया जाएगा।
अग्निशमन उपकरण स्थापित करना जरूरी
नई नीति में नागरिकों की सुरक्षा के लिए शहरी क्षेत्रों, सराय और थोक लाइसेंसधारियों और खुदरा विक्रेताओं के लिए अग्निशमन उपकरण स्थापित करना अनिवार्य कर दिया गया है। सभी दुकानों और गोदामों में सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य रूप से लगाए जाएंगे। साथ ही शराब परोसने वाले सभी होटलों, पब और बार, रेस्तरां और कैफे के बाहर सावधानी बोर्ड लगाए जाएंगे।
यह हैं नई आबकारी नीति के मुख्य बिंदू
- पब कैटेगरी (एल-10ई) यानी केवल बीयर और वाइन के उपभोग के लिए लाइसेंस शुल्क को कम किया गया।
- थोक लाइसेंसधारियों द्वारा शराब की चोरी पर अंकुश के लिए जुर्माने की राशि बढ़ाई गई।
- नई नीति में देसी शराब, भारत में बनी विदेशी शराब और आयातित विदेशी शराब के मूल कोटे में बढ़ोतरी की।
- देसी शराब और आइएमएफएल पर उत्पाद शुल्क की दरों में वृद्धि हुई है।