21 गोवंश से भरे कंटेनर को सिविल वर्दी में पुलिस कर्मी चला रहा था। जब कुछ गो रक्षकों ने पुलिस कंट्रोल रूम में सूचना देकर कंटेनर को डाहर टोल टैक्स पर रुकवाने के लिए करीब एक बजे प्रयास किया तो सीआईए टीम ने रिंकू, प्रदीप, रिंकू नायक व अजय को जबरदस्ती उठा लिया और उनके साथ मारपीट भी की।
काफी संख्या में गो रक्षक एकत्रित हुए तो पुलिस कंटेनर को उत्तर प्रदेश बार्डर पार नहीं करवा सकी और गोवंश को फूसगढ़ गोधाम में छोड़ना पड़ा। उन्होंने आरोप लगाए कि इस दौरान पुलिसकर्मी शराब के नशे में थे और चारों गो रक्षकों की पिटाई भी की। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की सीबीआई जांच कराई जाए और दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
उन्होंने कहा कि मामले की गहनता से जांच की जाए तो बड़ा खुलासा हो सकता है। इस दौरान रोहतक जिला प्रधान जगदीप मलिक, झज्जर जिला प्रधान जसबीर सिंह, जींद जिला प्रधान दीपक कुमार, करनाल जिला प्रधान संदीप राणा, जगमाल राणा, कंचन गिरी महाराज सहित सैकड़ों गो रक्षक शामिल रहे।
गो रक्षक दल द्वारा जो शिकायत दी गई है उसमें पुलिस कर्मचारियों पर गंभीर आरोप लगे हैं। इस मामले की जांच डीएसपी हेड क्वार्टर को दी गई है। छह पुलिस कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया गया है। इस मामले में जो भी दोषी पाया जायेगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जायेगी। -सुरेंद्र सिंह भौरिया, एसपी करनाल।