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Chandigarh News: सीएचबी के पूर्व एक्सईएन और एसडीओ को छह-छह महीने की कैद

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चंडीगढ़। जिला अदालत ने बिना नोटिस घर में घुसने के मामले में चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड के पूर्व एक्सईएन और पूर्व एसडीओ को छह-छह महीने की सजा सुनाई है। करीब तीन साल पहले अदालत ने पूर्व एक्सईएन कैलाश गर्ग और पूर्व एसडीओ कृपाल सिंह को साल 2012 में बिना नोटिस घर में घुसने के आरोप में छह-छह महीने की सजा सुनाई थी। उस समय दोनों अधिकारी चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड में सेवारत थे। हालांकि, अदालत की ओर से सजा सुनाए जाने के बाद दोनों जमानत पर बाहर आ गए थे। इसके बाद कैलाश गर्ग और कृपाल सिंह ने अदालत की ओर से सुनाए गए फैसले को ऊपरी अदालत में चुनौती दी थी। शिकायतकर्ता के वकील ने अदालत में दलील दी कि घर में आने से पहले विभाग की ओर से 24 घंटे पहले नोटिस देना जरूरी होता है। ज्यूडीशियल मजिस्ट्रेट शेर सिंह की कोर्ट ने दलीलों को सुनने के बाद आईपीसी की धारा 448 के तहत निचली अदालत के फैसले को सही ठहराते दोबारा छह-छह महीने की सजा सुनाई है।बता दें कि इस मामले में मॉडर्न हाउसिंग कॉम्प्लेक्स, मनीमाजरा निवासी विनोद कुमार बंसल ने अदालत को शिकायत दी थी। उन्होंने अदालत में दायर शिकायत में बताया था कि जुलाई 2012 में हाउसिंग बोर्ड के तत्कालीन एक्सईएन कैलाश गर्ग और एसडीओ कृपाल सिंह बिना किसी नोटिस के उनके घर पहुंचे। उस समय घर में उनकी मां और पत्नी थी। इस दौरान घर में कोई भी पुरुष मौजूद नहीं था। दोनों अधिकारी उनकी मां को धक्का मारते हुए जबरन घर में घुस गए थे।
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क्या था मामला...शिकायतकर्ता ने बताया कि किसी ने चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड को शिकायत दी थी कि विनोद कुमार बंसल ने बोर्ड की ओर से जारी नक्शे के विपरीत घर के अंदर निर्माण किया है। यह जानकारी मिलने पर विभाग ने कार्रवाई कर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया था, जबकि उन्होंने घर में कोई बदलाव नहीं किया था। इसके बावजूद हाउसिंग बोर्ड की ओर से जुर्माना 3.50 लाख रुपये कर दिया गया। यह मामला पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में विचाराधीन है।
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