सीपीएम के राष्ट्रीय महासचिव सीताराम येचुरी ने कहा है कि पीएम नरेंद्र मोदी, उनकी सरकार और भाजपा सिर्फ ध्रुवीकरण को तेज करने में लगी हैं। भावनाओं और जज्बातों पर आधारित सियासत ज्यादा देर तक नहीं चलेगी। पर अभी यही दौर है। येचुरी गुरूवार को पंजाब इकाई की बैठक में हिस्सा लेने चंडीगढ़ आए थे। पार्टी कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत में येचुरी ने कहा कि जहां कहीं भी भाजपा की सरकारें हैं, यही खबरें आ रही है। प्राइवेट आदमी उभर कर आए और कभी गो हत्या के नाम पर, कभी बच्चों अपहरण और कभी एंटी रोमियो स्कावॅड बन कर बता रहे हैं कि क्या खाएं, किससे दोस्ती करें।
आम लोगों पर कातिलाना हमले कर रहे हैं, अग्निवेश को देख लीजिए। सुप्रीम कोर्ट को कहना पड़ा की मॉब लिंचिंग के खिलाफ कानून बनाओ, इसे मोबो-क्रेसी कहा। पर सरकार ने कोई पहल नहीं की, उनका इरादा ही नहीं है कानून बनाने का। किसानों की समस्या दिनों दिन बिगड़ रही है। अगर पंजाब में आत्महत्याएं हो रही हैं तो देश का क्या हाल होगा। एक सवाल पर उन्होंने कहा कि आज देश में एक ही सवाल है कि मोदी बनाम कौन। देश को नेता नहीं, नीतियों की जरूरत है, चुनाव से पहले विकल्प का पीएम-फेस नहीं तय किया जा सकता।
चुनावी राजनीति में गिरा है वाम दलों का ग्राफ
सीताराम येचुरी
येचुरी ने कहा कि आज तक का इतिहास है कि अलायंस चुनाव के बाद ही होता है। हर राज्य के समीकरण अलग हैं, इसलिए किसी एक को नेता नहीं माना जा सकता। यूपी में सपा, बसपा बड़े और कांग्रेस, वाम छोटे पार्टनर हैं। यही समीकरण हर राज्य में है। इसलिए इस बार सभी राज्यों में ही गठबंधन होंगे। सीपीएम सारे देश में भाजपा विरोधी पार्टियों के साथ रहेगी। लेकिन बंगाल में वह टीएमसी, तमिलनाडु में एआईएडीएमके के खिलाफ है और केरल में कांग्रेस से ही लड़ रही है।
उन्होंने कहा कि 2004 में पार्टी के 57 सांसद कांग्रेस को हरा कर आए थे, लेकिन बाद में कांग्रेस के साथ ही अलायंस हुआ। इस बार भी ऐसा होगा। राष्ट्रीय स्तर पर वैकल्पिक सरकार बनने की परिस्थितियां बन गई हैं। उन्होंने मांगा कि पंजाब इकाई में कुछ विवाद था, लेकिन बैठक में नई नियुक्तियां की गई हैं, विवाद हल कर लिया जाएगा।
सीताराम येचुरी ने कहा कि चुनावी राजनीति के हिसाब से वाम दलों का ग्राफ गिरा है। लेकिन दूसरा मापदंड यह है कि वे देश के एजेंडा को कितना प्रभावित कर रहे हैं, इस पर बढ़ा है। किसानों का आंदोलन हो या पिछले दिनों मुंबई में किसान आंदोलन हो, सरकारों पर दबाव बनाने में हम कामयाब रहे। येचुरी ने दावा किया कि उनकी पार्टी सोशल मीडिया पर एक्टिव है। इस बात पर भी मंथन कर रही है कि कैसे ग्राफ बढ़े।
दबी सांप्रदायिकता को ममता ने उभारा
सीताराम येचुरी
येचुरी ने कहा कि वाम दलों ने जिस सांप्रदायिकता को 40-45 साल से दबा कर रखा था, उसे उभारने में ममता बनर्जी का बड़ा योगदान है। देश आजाद हुआ तो महात्मा गांधी नौहाखाली में थे, वहां का सांप्रदायिक दंगों का इतिहास रहा है। अब बंगाल में जो हो रहा है वह बहुत खतरनाक है। यह भाजपा और टीएमसी के बीच कॉम्पिटीटिव कम्यूनलिज्म है। इसके चलते लेफ्ट का स्पेस कम हो रहा है। लोग जज्बाती होकर वोट डाल देते हैं, लेकिन पार्टी अस्तित्व की लड़ाई लड़ रही है।
नौ को जेल भरो आंदोलन
येचुरी ने बताया कि किसानों, मजदूरों और खेत मजदूरों के मुद्दे पर पार्टी नौ अगस्त को जेल भरो आंदोलन करेगी। सीपीएम और सहयोगी संगठनों की मांग है कि एमएसपी पूरा खर्च और जमीन का किराया जोड़ कर तय किया जाए। किसानों को फसल बेचने का अधिकार दिया जाए, एमएसपी पर खरीद यकीनी हो। जुलाई को किसान संगठनों के प्रतिनिधि सांसद इस मुद्दे पर प्राइवेट मेंबर बिल भी लाने जा रहे हैं।
पांच सितंबर को संसद पर मजदूर किसान रैली की जाएगी। उन्होंने कहा कि बंगाल में पंचायत चुनाव के दौरान 34 फीसदी सीटों पर विपक्ष को नामांकन नहीं करने दिया गया, जो चुन लिए गए उन पर हमले हो रहे हैं, हमारे 36 लोग मारे गए। त्रिपुरा में भी यही हो रहा है। इसके विरोध में 24 जुलाई को संसद पर जनतंत्र कत्लेआम आंदोलन होगा।